CET एग्जाम में अभ्यर्थी से जबरन उतरवाई जनेऊ, शिकायत की : स्कूल प्रिंसिपल से मदद मांगी तो कहा- आप बेवजह विवाद कर रहे; विप्र फाउंडेशन ने मोर्चा खोला

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित समान पात्रता परीक्षा (सीईटी) ग्रेजुएशन लेवल में विवाद शुरू हो गया है। आरोप है कि शुक्रवार को सीईटी दूसरी पारी के पेपर में जयपुर में एक स्टूडेंट की जनेऊ उतरवा दी गई। अब विप्र फाउंडेशन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को पीड़ित अभ्यर्थी ने कलेक्टर के नाम लेटर लिखकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बांसवाड़ा के तलवाड़ा के रहने वाले हरेन दवे का एग्जाम सेंटर जयपुर के टोंक फाटक स्थित महात्मा गांधी स्कूल में आया था। हरेन ने बताया- यहां दूसरी पारी में दोपहर 3 बजे परीक्षा केंद्र पहुंचा। यहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने जनेऊ उतारने के लिए कहा। इस पर विरोध किया। वह मुझे स्कूल के प्रिंसिपल के पास ले गए।

पुलिसकर्मी के बर्ताव को लेकर मैंने स्कूल प्रिंसिपल से भी शिकायत की। उन्हें बताया- किसी भी परीक्षा में जनेऊ उतारने का प्रावधान नहीं है। लेकिन वह नहीं मानी। जब मैंने उनसे कहा- आप जनेऊ उतारने के लिए मुझे लिखकर दे दीजिए। उन्होंने कहा- आप बेवजह विवाद पैदा करना चाहते हैं। इसके बाद मैंने मजबूरी में जनेऊ उतारकर परीक्षा दी।

विप्र फाउंडेशन राजस्थान के प्यारेलाल शर्मा ने कहा- राजस्थान में ब्राह्मणों के साथ हुए व्यवहार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर सरकार ने जल्द से जल्द दोषी पुलिसकर्मी और स्कूल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो ब्राह्मण समाज सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने कहा- जनेऊ में किसी तरह का लॉकेट या कोई धातु होता है तो उतरना जरूरी होता है। इस मामले की जांच करवाई जाएगी। इसके साथ ही भविष्य में ऐसा न हो उसको लेकर भी कोई ठोस नीति बनाई जाएगी।

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