गौरज्यामाता कि निकली सवारी चौराई में गवरी माता का ढोल नगाडे के साथ स्वागत
डीपी न्यूज नेटवर्क,कल्याणपुर,अशोक वैष्णव । क्षेत्र के चौराई में गवरी माता का समस्त ग्राम वासियों ने ढोल नगाड़े के साथ भव्य स्वागत किया गया । इससे पुर्व आज प्रातःगौरज्यामाता को कल्याणपुर कस्बे के सलुम्बर रोड पर कुम्हार के यहाॅ से मिट्टी से बनी हाथी पर सवार गौरजयामाता को लेने चौराई से सैकडो की संख्या में ग्रामीण उमडे श्रीफल को उछालतें हुए एक दुसरे के हाथे में देते हुए कल्याणपुर कस्बे में भ्रमण कर चौराई बाबडी के पास गौरज्यामाता को ले गये जहा आज गडावड होगा कल वडावण होगा ।गवरी माता की स्थापना श्रावण पूर्णिमा को की गई। गवरी मां का श्रृंगार शिव पार्वती, राई बुढ़िया खेल खेला और खेलो के खिलाड़ियों के साथ किया गया है। गवरी माता का मंचन प्राचीन समय से नृत्य का संसाधन हैं गांव-गांव में जाकर लोगो को जागरूक, मनोरंजन किया जाता है । गवरी कलाकार का प्रारंभ मादल के थाप के साथ की जाती है गवरी मंचन का नृत्य करते समय बंजारा कालू किर देवी अंबा काना गुजरी शिव पार्वती लालू रोहारिया भीलू राणा बादशाह आदि पात्र खेलो के माध्यम से नृत्य कला कारो के माध्यम से किया जाता है। सवा महिने तक गांव-गांव में जाकर नृत्य करते है ।
