घोटिया आंबा धाम बांसवाड़ा पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर आदिवासियों में दो-फाड़ : लोग बोले – खुद को हिंदू नहीं मानते तो यहां प्रोग्राम करने का हक नहीं, सांसद रोत को दर्शन से रोका

बांसवाड़ा,डीपी न्यूज नेटवर्क । बांसवाड़ा में आदिवासियों के प्रसिद्ध तीर्थ घोटिया आंबा धाम 800 मीटर दूर सांसद राजकुमार रोत आदिवासी अधिकार दिवस कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं। कार्यक्रम दोपहर 2 बजे शुरू हुआ। दोपहर 2.30 बजे सांसद राजकुमार रोत कार्यक्रम में पहुंचे। इस कार्यक्रम के आयोजन को लेकर आदिवासी समाज में दो-फाड़ नजर आई।

कार्यक्रम का आदिवासी संगठन- आदिवासी सनातन हिंदू धर्म जनजागरण समिति ने विरोध किया है। इसे लेकर सोमवार को चेतावनी दी थी कि अगर रोत ने यहां कार्यक्रम किया तो माहौल बिगड़ सकता है। इसके लिए कल बड़ी संख्या में आदिवासी लोग रैली निकालते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन देकर कार्यक्रम रोकने की मांग रखी थी।

हालांकि कलेक्टर डॉ इंद्रजीत यादव ने कहा कि हमने कल भी और आज भी समिति के सदस्यों को समझाया था। कार्यक्रम घोटिया धाम से दूर है। फिलहाल कार्यक्रम में कोई विरोध नहीं है, शांति है।

बता दें कि दो महीने 18 जुलाई को मानगढ़ धाम (बांसवाड़ा) में 4 राज्यों के 49 जिले मिलाकर भील प्रदेश बनाने की मांग की गई थी। भारत आदिवासी पार्टी के सांसद राजकुमार रोत की मौजूदगी में इस कार्यक्रम में आदिवासी परिवार संस्था की संस्थापक सदस्य मेनका डामोर ने मंच से कहा था कि आदिवासी हिंदू नहीं है। आदिवासी महिलाएं चूड़ी, बिंदी, सिंदूर लगाना, मंदिर जाना छोड़ें।

आदिवासी सनातन हिंदू धर्म जनजागरण समिति का कहना है कि आदिवासी हिंदू हैं। कुछ देश विरोध ताकतें आदिवासियों को भड़का कर माहौल खराब कर रही हैं। अगर वे (राजकुमार रोत) खुद को हिंदू नहीं मानते तो हिंदू आस्था का केंद्र घोटिया धाम पर उन्हें कार्यक्रम करने का हक नहीं है।

आदिवासी आरक्षण मंच ने भी किया विरोध

आदिवासी आरक्षण मंच के कमलकांत कटारा ने कहा कि रोत को अपने बयानों पर माफी मांगनी चाहिए। कटारा ने सोशल मीडिया पर लिखा- घोटिया आंबा में प्राचीन काल से पांडवों की मूर्तियां स्थापित हैं और शिव मंदिर भी है। पवित्र कुण्ड है, जहां हिंदू परंपरा से अस्थि विसर्जन होता है।

कलेक्टर को दिए ज्ञापन में समिति के लोगों ने कहा- घोटिया आंबा आदिवासी हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। आदिवासियों के हिंदू न होने का दावा करने वालों को यहां कार्यक्रम करने का अधिकार नहीं है। भारत आदिवासी पार्टी और उससे जुड़े सामाजिक संगठन समय-समय पर बांसवाड़ा जिले में कार्यक्रम कर हिंदू धर्म और उससे जुड़े संगठनों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान देते हैं।

भारत आदिवासी पार्टी के लोग कहते हैं कि आदिवासी हिंदू नहीं हैं, महिलाएं चूड़ी, बिंदी, सिंदूर लगाना छोड़ें, मंदिर जाना छोड़ें। ऐसे बयान देकर साजिश के तहत सामाजिक समरसता का माहौल बिगाड़ा जा रहा है। पूरे देश के आदिवासियों की छवि को धूमिल किया जा रहा है।

मध्यप्रदेश-गुजरात के आदिवासियों के नाम पर असामाजिक तत्व भी इनके कार्यक्रमों में आते हैं। अलगाव वादी लोग इलाके की जनता के बीच जाकर उन्हें भड़काते हैं। आदिवासियों को मुख्य धारा से अलग करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर पांडवों के धाम घोटिया आंबा पर कार्यक्रम से इलाके का माहौल बिगड़ने की संभावना है।

समिति ने की आदिवासियों से अपील- बहकावे में न आएं

आदिवासी सनातन हिंदू धर्म जनजागरण समिति, घोटिया आंबा धाम (बांसवाड़ा) ने ज्ञापन में ही अपील भी की। कहा- आदिवासी भाई इलाके में सामाजिक समरसता बनाए रखें। मुख्य धारा से हटकर लोगों के बहकावे में न आएं। देश विरोधी ताकतों के हाथों की कठपुतली न बनें।

समिति अध्यक्ष देवीलाल रावत ने कहा- घोटिया आंबा आदिवासी गांव है। राजकुमार रोत समय-समय पर बयान देते हैं कि आदिवासी हिंदू नहीं हैं। आदिवासी हिंदू हैं तो रोत का यहां आने का कोई हक नहीं है। आदिवासी हिंदू नहीं होते तो उनके बाप दादा पूर्वज घोटिया आंबा धाम के कुंड में अस्थि विसर्जन नहीं करते।

समिति सदस्य मोनिता दायमा ने कहा- घोटिया आंबा पांडव स्थली है, घोटेश्वर का धाम है। वे हमारी बहनों से कहते हैं कि चूड़ियां न पहनने, बिंदी न लगाएं, ऐसे बयान देकर वे नारी सम्मान को आघात पहुंचाते हैं।

इधर, तय कार्यक्रम स्थल से 1 किमी दूर आदिवासी अधिकार दिवस का कार्यक्रम किया गया। समिति के सदस्यों ने जब राजकुमार रोत पहुंचे तो उन्हें मुख्य मंदिर में दर्शन नहीं करने दिए। ऐसे में सांसद नीचे कुंड के पास आम्र वृक्ष धूणी पर गए और वहां शिव दर्शन कर कार्यक्रम स्थल पहुंचे। रोत ने कहा कि हम किसी धर्म के विरोधी नहीं हैं। हम आदिवासियों के जल जंगल जमीन पर हक की बात करते हैं। बांसवाड़ा में कुछ नेता आदिवासी हिंदू हैं। हम आदिवासी धर्मपूर्वी यानि धर्म से पहले के हैं। इन्ही धर्मपूर्वियों ने मुझे अपना सांसद चुन कर अपनी ताकत दिखाई है।

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