ऋषभदेव में पर्युषण पर्व की समाप्ति पर दो दिवसीय रथोत्सव का आगाज : जमकर थिरके श्रावक श्राविकाए;भगवान जिनेंद्र को करवाया नगर भ्रमण
डीपी न्यूज नेटवर्क,ऋषभदेव,शुभम जैन । नगर में दिगंबर जैन तीर्थ रक्षा कमेटी और दिगंबर जैन समाज ने पर्युषण पर्व के समापन पर गुरुवार को भगवान नेमिनाथ की रथयात्रा निकाली । इस अवसर पर भगवान नेमिनाथ की प्रतीकात्मक बारात के रूप में काष्ठ कला से निर्मित लकड़ी के रथों में जिनेंद्र भगवान को विराजित कर नगर भ्रमण करवाया।

रथयात्रा के सदर बाजार आजाद नीम पहुंचने भारत गौरव राष्ट्र संत आचार्य श्री पुलक सागर महाराज ससंघ पहुंचे । आचार्य श्री ने रथ मे विराजित जिनेंद्र भगवान के दर्शन किए । रथयात्रा में आचार्य श्री का सानिध्य प्राप्त हुआ । रथोत्सव के पावन पर्व पर खेरवाडा विधायक डॉ दयाराम परमार भी पहुंचे । रथयात्रा के सदर बाजार आजाद नीम के पहुंचने पर विधायक परमार ने शिरकत की ओर रथ में विराजित श्री जी के दर्शन किए एवं विराजित आचार्य पुलक सागर महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया ।

रथयात्रा ऋषभदेव निज मंदिर प्रांगण से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्ग ऋषभ चौक,जोहरी बाजार,सदर बाजार, नेहरू बाजार, पाटूना चौक होते हुए रात 8 बजे कृष्ण घाट स्थित कुंवारिया नदी के तट पर पहुंची।

जहां भगवान की पूजा अर्चना और वरमाला की बोली के बाद बोलीदाता ने महाआरती की। तत् पश्चात पुनः तीनों रथ भजनों की मधुर ताल के साथ पाटूना चौक पहुंचे, जहां युवक-युवतियों का डांडिया रास हुआ। पहले दिन रथ यात्रा का विराम सलामी के साथ हुआ। रथोत्सव के पहले दिन महिलाओं ने पीले वस्त्र पहनकर कर डांडिया रास किया। शोभायात्रा में भगवान के रथ को हाथों से खींचने की होड़ लगी रही। इस दौरान हर कोई भगवान की यात्रा का साक्षी बनने के लिए रथ को खींचने के प्रयास में रहा। रथयात्रा का नजारा देख नगरवासी भी भक्तिमय माहौल में डूबे रहे। पहले दिन महिलाएं पीले वस्त्र पहनकर शामिल होती हैं। दूसरे दिन महिलाएं लाल चुंदड़ पहने नजर आएगी।

रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए। थानाधिकारी घनश्याम सिंह सुरक्षा दृष्टिकोण से भारी पुलिस बल के साथ तैनात रहे। प्रथम दिन मंदिर प्रांगण से नासिक ढोल नगाड़ों की गूंज पर रथोत्सव का आगाज हुआ। जो रथोत्सव की शोभायात्रा में आकर्षण का केंद्र रहे। बांसवाड़ा की अंचल एंड पार्टी की प्रस्तुतियों व आर्केस्ट्रा की धुन पर युवक-युवतियां जम कर थिरके। रथोत्सव में दिलीप भाणावत एवं उपेंद्र अणु एंड टीम ने अपनी मधुर आवाज में भजनों की प्रस्तुति दी ।

दुल्हन की तरह सजा नगर
रथोत्सव से पूर्व पूरा नगर रोशनी से जगमगा उठा,नगर को दुल्हन की तरह सजाया गया है । शोभायात्रा के मार्ग पर कृतिम रंग बिरंगी रोशनी में जगमगा उठा। तीनों रथों को सोने चांदी के आभूषणों से सुशोभित किया गया। काष्ठ कला से निर्मित रथ पर सोने चांदी के छत्तरों से आच्छादित थे। मानों रथ स्वर्ग से भगवान को विराजित करने के लिए आए हर कोई रथों के सौंदर्य को देखता रह गया।

पहले दिन की शोभायात्रा का विराम रात्रि 12 बजे पाटूना चौक परिसर में हुआ। शनिवार को तीनों रथों की सार सज्जा कर कस्बे के मुख्य मार्ग हुए वापस निज मंदिर रात्रि दो बजे पहुंच कर विराम होगा। अंत में नगर के राजमल कोठारी के प्रतिष्ठान पर समापन समारोह होगा। जिसमें रथ यात्रा के दौरान हुई प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरित करेंगे।

आज होंगे ये कार्यक्रम
दूसरे दिन रात्रि 8.30 बजे पाटूना चौक से भंडार धुलेव के जवानों की सलामी के साथ जिनेंद्र देव की आरती के साथ दूसरे दिन की रथ यात्रा की शुरूआत होगी। पाटूना चौक में विशेष गैर नृत्य का आयोजन होगा। जिसमें पगड़ी धारी पुरुष भाग लेंगे व चुंदड़ साड़ी पहनी महिलाएं तीन ताली गरबा नृत्य करेगी। देर रात्रि रथ यात्रा ऋषभदेव मंदिर पहुंच कर संपन्न होगी।

