स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति उनके अदम्य प्रेम के प्रतिक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के यशोगान कविता पाठ से विकेवि में
डीपी न्यूज नेटवर्क ,ऋषभदेव, शुभम जैन । हिंदी सप्ताह के चौथे दिन विवेकानंद सभागार में आयोजित कविता पाठ प्रतियोगिता में महाराणा प्रताप वीरगाथाकाल पर आधारित कविताओं का भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण किया गया। इस प्रतियोगिता में छात्रों ने वीर रस की कविताएं प्रस्तुत कीं, जिनमें महाराणा प्रताप के साहस, बलिदान और स्वतंत्रता की भावना को उजागर किया गया।
हिंदी सप्ताह के चौथे दिन आयोजित कविता पाठ प्रतियोगिता में गुंजन जोशी ने महाराणा प्रताप पर आधारित एक प्रभावशाली कविता प्रस्तुत की। उनकी कविता में महाराणा प्रताप के साहस, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति उनके अदम्य प्रेम को खूबसूरती से उकेरा गया। गुंजन की प्रस्तुति ने श्रोताओं को महाराणा प्रताप के संघर्ष और वीरता की याद दिलाई, जिससे सभागार में जोश और गर्व की भावना उत्पन्न हुई।
इसके साथ ही याशिका जैन ने वीरता पर आधारित एक प्रेरणादायक कविता प्रस्तुत की, जिसमें वीरता के महत्व और बलिदान की भावना को रेखांकित किया गया। उनकी कविता में वीरता की शक्ति और उसके नायकत्व को विशेष रूप से दर्शाया गया, जिससे सभी श्रोता भावविभोर हो गए।
इसके अलावा, शिक्षिका इन्दुबाला रावल ने “नीला घोड़ा रा असवार” गीत का उल्लेख किया और इस गीत की भावना एवं उसके महत्व के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्रों को गीत और कविता के विभिन्न पहलुओं, जैसे भाव, शब्द चयन, और प्रस्तुति की कला पर मार्गदर्शन दिया, जिससे छात्रों को अपनी प्रस्तुति में और निखार लाने का अवसर मिला। बहुत ही शानदार एवं मनमोहक प्रस्तुति के लिए प्रधानाचार्या श्रीमती विजय श्री यादव ने सभी प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की।
यह सूचना हिन्दी सप्ताह प्रभारी भगवती लाल तेली ने दी।
