चतुर्दशी पर श्री सांवलियाजी मंदिर में खुला भंडार : अचानक भीड़ बढ़ने के कारण काउंटिंग बीच में रोकी,अब मंगलवार को होगी
चित्तौड़गढ़, डीपी न्यूज नेटवर्क । मेवाड़ के आराध्य देव श्री सांवलिया जी में चतुर्दशी पर भंडार खोला गया। अचानक बढ़ी भीड़ और भक्तों द्वारा व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश के चलते काउंटिंग को बीच में ही रोकना पड़ा। सभी रुपयों को बोरों में भरकर रख दिया गया। बताया जा रहा है कि अमूमन ऐसी भारी भीड़ अमावस्या के दिन या खास त्योहारों पर होती है। इस बार चतुर्दशी पर ही इतनी भीड़ जुट गई। ऐसा पहली बार हुआ है जब पहले ही दिन में काउंटिंग को बीच में रोक दिया गया।
सुविख्यात श्री सांवलिया जी मंदिर में हर दिन हजारों की तादात में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। 5 सितंबर से शुरू हो रहे बाबा रामदेव जी के मेले के लिए कई भक्त पैदल और बसों से यात्रा करते हैं। इस दौरान सभी का सांवरा सेठ के दरबार में भी आना होता है। आज रविवार है, इसलिए भी भक्त जन सांवलिया जी जाते हैं। रविवार को मासिक मेले की शुरुआत हुई। जिसके पहले दिन भगवान का भण्डार खोला गया। इधर चतुर्दशी पर भगवान के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। राजभाेग आरती के बाद श्रद्धालुओं के जयकारों के बीच सांवलिया मंदिर मंडल अध्यक्ष भेरूलाल गुर्जर, भदेसर एसडीएम विजयेश कुमार पंड्या और बोर्ड सदस्यों की उपस्थिति में कड़ी सुरक्षा के बीच भण्डार खोला गया।

गिनती शुरू होने के कुछ देर में गणना स्थल पर मौजूद अधिकारियों के पास दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मंदिर क्षेत्र में पहुंचने की जानकारी मिली। जिस पर तुरंत फैसला लेते हुए भंडार की गिनती का काम बंद कर दिया। इसके बाद भंडार से निकाले गए नोटों और सोने-चांदी के आइटम को बोरों, थैलों में भरकर कोष कार्यालय में सुरक्षित रखा गया। ऐसा पहली बार हुआ है जब पहले ही दिन में काउंटिंग को बीच में रोक दिया गया।
कल सोमवार को अमावस्या होने के कारण गिनती नहीं होगी। अमावस्या के दूसरे दिन मंगलवार को गिनती शुरू होगी। काउंटिंग बंद करने से पहले करीब दो करोड़ रुपए के नोटों के बंडल बना लिए गए थे। इस दौरान मंदिर मंडल सदस्य अशोक शर्मा, भेरूलाल सोनी, संजय मंडोवरा, श्रीलाल पाटीदार, शंभू लाल सुथार, प्रशासनिक अधिकारी प्रथम घनश्याम जरवाल, प्रशासनिक अधिकारी द्वितीय नंदकिशोर टेलर, मंदिर प्रभारी राजेंद्र शर्मा, सुरक्षा प्रभारी गुलाब सिंह राजपूत, संस्थापन प्रभारी लहरी लाल धनगर सहित अलग अलग बैंको, मंदिर मंडल के अधिकारी और कर्मचारी शामिल उपस्थित रहे।
भगवान के दर्शन के लिए दिनभर हजारों श्रद्धालु पहुंचे और दर्शन लाभ लिया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचने से कुछ लोगों को दर्शन करने में भी परेशानी हुई। वहीं पर कई श्रद्धालु कतार की रेलिंग कूद कर गार्डन में पहुंच गए और व्यवस्था बिगाड़ते नजर आए। इसके बाद व्यवस्था बनाने में मंदिर कर्मचारियों को मशक्कत करनी पड़ी। श्रद्धालुओं की इस आवक को देखते हुए थाना प्रभारी शीतल गुर्जर के नेतृत्व में चल रही यातायात और आवागमन व्यवस्था के अंतर्गत गाड़ियों को कस्बे के बाहर ही रोक दिया गया। इधर सोमवार को अमावस्या पर देवकी सदन धर्मशाला में महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा।
