SC/ST वर्ग के आरक्षण में वर्गीकरण एवं क्रीमीलेयर लागू करने के निर्णय को वापिस लिया जाना चाहिएं : अनिल पणोंर

उदयपुर,विनोद कुमार रैगर । भीम आर्मी प्रवक्ता अनिल पणोंर ने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के 7 न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ द्वारा अभी हाल ही में 01 अगस्त, 2024 को देश में SC/ST वर्गों के आरक्षण के पुनः उप वर्गीकरण एवं क्रीमीलेयर लागू किए जाने के सन्दर्भ में दिया गया निर्णय संविधान की मूल भावना के विपरीत है तथा आरक्षण को समाप्त किए जाने का प्रयास है। SC/ST समुदाय के आरक्षण का एक मात्र मूलभूत आधार सामाजिक गैर-बराबरी अर्थात् छुआछूत व जातपात रहा है। ऐतिहासिक तौर पर सामाजिक गैर-बराबरी की वजह से ही आरक्षण दिया गया है तो ऐसे में जाति के आधार पर प्रताड़ना झेलने वाले समुदायों के बीच आरक्षण का बटवारा करना पूर्ण रूप से असंवैधानिक है।

इस निर्णय के बाद राज्यों में जहां जो भी राजनैतिक पार्टी सत्ता में होगी वह अपने-अपने हिसाब से अपने-अपने वोट बैंक के लिए अपनी मनचाही जातियों को आरक्षण का अनुचित लाभ देने का प्रयास करेंगी। इस निर्णय के बाद SC/ST वर्गों के लोगों के भीतर आपसी द्वेष की भावना बढ़ेगी। इस प्रकार से इस निर्णय से ऐसी अनेकों समस्याएं उत्पन्न होगी, जिसके कारण SC/ST वर्गों को मिल रहा आरक्षण ही समाप्त हो जाएगा और उनके हिस्से का आरक्षण अन्त में किसी ना किसी रूप में सामान्य वर्ग को ही दे दिया जायेगा।केन्द्र सरकार को माननीय सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय को निष्प्रभावी बनाने के लिए तुरन्त कदम उठाना चाहिए और इसके लिये संसद का विशेष सत्र आहूत कर संविधान में उचित संशोधन करने के लिए विधेयक लाना चाहिए !जिसके तहत SC/ST का उप-वर्गीकरण एवं क्रीमीलेयर लागू करने को हमेशा के लिए प्रतिबन्ध कर दिया जाए तथा इसके लिए कानून बनाकर संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल किया जावे। इन सभी मांगो को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया! जिसमे भीम आर्मी, बहुजन समाज पार्टी, बाप पार्टी समेत कई एससी एसटी के सामाजिक सगठन की उपस्थिति रही!

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