सांवरिया सेठ का विशेष श्रृंगार : पांच हज़ार राखियों से बनी सांवरा सेठ की पोशाक , एक हफ्ते में भक्तो ने हजारों राखी चढ़ाई
रक्षाबंधन का पर्व बहुत खास होता है। इस दिन मेवाड़ में अपने इष्ट देव को राखी बांधने और चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है। पिछले लगभग एक हफ्ते में श्री सांवलिया जी में कई भक्तों ने आकर सांवरा सेठ को राखी भेंट की, ताकि प्रभु उनकी रक्षा कर सके। आज सोमवार को मंदिर के पुजारी ने सभी राखियों से सांवरा सेठ की सुंदर पोशाक बनाई है। यह श्रृंगार सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वहीं, रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में आज मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा।
एक हफ्ते में भगवान को चढ़ाई गई हजारों राखियां
मेवाड़ के आराध्य देव भगवान श्री सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए सोमवार को मंदिर में भक्तों की लंबी लाइन देखी गई है। आसपास के लोग अपने पर्व की शुरुआत सांवरा सेठ के दर्शन के बाद शुरू करते है। आज पुजारी कमलेश द्वारा ठाकुर जी का विशेष श्रृंगार किया गया। रक्षाबंधन के दिन उनकी पोशाक भक्तों द्वारा चढ़ाई राखी से बनाई गई। पुजारी कमलेश ने बताया कि पिछले लगभग एक हफ्ते से कई हजारों भक्तों ने सांवरा सेठ को राखी भेंट की। भक्तों का मान रखने और इच्छा पूरी हो, उसके लिए भगवान श्री का पोशाक उन्हीं राखियों से तैयार किया है।
चार से पांच हजार राखियों से बनी सांवरा सेठ की पोशाक
उन्होंने बताया कि इसमें लगभग चार से पांच हजार राखियों का उपयोग किया गया है। उनके वस्त्र, माला, मुकुट सभी राखियों से तैयार किया हुआ है। इसके अलावा जो भी राखियां बच गई है या आज चढ़ावे में आई है, उन्हें सांवरा सेठ के पास रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह विशेष श्रृंगार आज रक्षाबंधन के लिए है। लोगों की आस्था सांवरा सेठ से जुड़ी है। भगवान उनकी रक्षा कर सके, इसलिए उन्हें रक्षा का बंधन चढ़ाया जाता है।
