ठग ने पिता को भी नहीं बक्शा, पिता का ही मकान ठगा , ठग के साथियों पर जहर खिलाकर मारने का भी आरोप
लोगों से ठगी पर जेल काट रहे दीपक माली ने अपने पिता तुलसीराम माली को भी नहीं बख्शा। उसने कागजों पर पिता का अंगूठा लगवाकर अपने नाम गिफ्ट डीड बनवा ली और 3 साथियों को सौंप दिया। इसमें सुखेर पुलिस की लापरवाही भी सामने आई।
तुलसीराम ने इसके खिलाफ रिपोर्ट दी, लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ। फिर उनकी जहरीली वस्तु से मौत हो गई। उन्हें दीपक के साथियों की ओर से जहर खिलाकर मारने की भी शिकायत हुई। लेकिन पुलिस ने आत्महत्या का मामला बता दिया। चित्रकूट नगर निवासी तुलसीराम (63) ने 1 अगस्त को दम तोड़ा था। इससे 8 दिन पहले ही उन्होंने बेटे दीपक, उसके साथी राजवीर सिंह, सुरेंद्र माली और चिराग के खिलाफ मकान हड़पने की शिकायत दी थी। एक अगस्त को तुलसीराम की मौत के तुरंत बाद उनके दामाद भगवती लाल ने एसपी को परिवाद दिया था। इसी में दीपक के तीनों साथियों पर 29 जुलाई को रात 11 बजे तुलसीराम को जहरीली दवा पिलाने का आरोप लगाया था।
शिकायत में ये भी कहा था कि घटना वाले दिन पहले 100 नंबर, फिर सुखेर थाने में सूचना दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। दीपक जज और नेताओं का परिचित बताकर नौकरी दिलाने, ग्रीन जोन से जमीन मुक्त कराने सहित अन्य काम कराने का झांसा देकर ठगी करता है। अंबामाता पुलिस ने एलडीसी की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के आरोप में उसे 24 जुुलाई को पकड़ा था।
