कांकरी डूंगरी मामले में बंद फाइल फिर से खुलेंगी : टीएडी मंत्री बाबूलाल खराड़ी ; बोले – कई बेगुनाह लोग जेल में चले गए, लेकिन असली मुजरिम बाहर हैं

टीएडी और प्रभारी मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने केंद्र और राज्य सरकार की बजट और योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कांकरी डूंगरी दंगा एक सोची समझी साजिश थी। आदिवासी युवाओं को गुमराह कर पहाड़ी पर चढ़ाया। इसके बाद दंगे भड़के, जिसमें कई बेगुनाह लोग जेल में चले गए, लेकिन असली मुजरिम बाहर हैं।

मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि कांकरी डूंगरी में बंद फाइलों को फिर से खोला जाएगा और उनकी जांच की जाएगी। इसमें जो भी मुल्जिम है उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि कांकरी डूंगरी दंगे हुए तब कांग्रेस की सरकार थी। दंगे करवाने वालों ने कांग्रेस को समर्थन दिया था। 1167 अनारक्षित पदों को एसटी वर्ग से भरने के नाम पर गुमराह किया गया था, लेकिन असल में उन पदों और एसटी, एससी, ओबीसी ओर जनरल किसी भी वर्ग के व्यक्ति के लिए ओपन थी।

उन्होंने सड़कों पर पथराव की घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पथराव करने वाले असामाजिक तत्व हैं। उन लोगों को भी गुमराह किया जा रहा है कि आदिवासियों पर आईपीसी लागू नहीं होती, जबकि देश के हर नागरिक पर समान कानून लागू होता है। उन्होंने कहा कि पथराव करने वाले कोई भी अपराधी नहीं बचेगा। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और कानून अपना काम करेगा। प्रभारी मंत्री के साथ ही जिलाध्यक्ष हरीश पाटीदार, सागवाड़ा विधायक शंकर डेचा समेत कई भाजपा नेता मौजूद रहे।

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