डूंगरपुर खनिज विभाग ने क्वार्ट्ज की 2 माइंस पर मारा छापा,लाखों की मिली गड़बड़ी

डूंगरपुर जिले में खनन माफियाओं पर माइनिंग विभाग की नकेल कसने लगी है। खनिज विभाग की टीम ने सरकारी रवन्ने के दुरुपयोग की शिकायत पर कराड़ा और गड़ावासन क्षेत्र में क्वार्ट्ज की 2 माइंस पर छापा मारा। दोनों माइंस पर लाखों की गड़बड़ी सामने आई है। फिलहाल टीम जांच कर रही है। जांच के बाद विभाग की ओर से माइंस ऑनर पर जुर्माना लगाया जाएगा। डूंगरपुर माइनिंग विभाग के खनिज अभियंता दिलीप सुथार ने बताया कि विभाग को लीगल माइंस संचालकों द्वारा सरकारी रवन्ने का दुरुपयोग करने की शिकायत मिली थी। इस पर उदयपुर से विभाग की विजिलेंस टीम और डूंगरपुर माइनिंग की टीम ने संयुक्त छापेमारी को अंजाम दिया। टीम ने जिले के गडावासन गांव में केएल मीना और कराड़ा गांव में स्काई लाइन कंपनी की क्वार्ट्ज माइंस पर छापेमारी की। छापेमारी से जिले के खनन माफिया में हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे में कई माफिया अपनी मशीनरी के साथ भूमिगत हो गए हैं। देर शाम को टीमें डूंगरपुर पहुंची। खनिज अभियंता दिलीप सुधार ने बताया कि छापेमारी में बड़े स्तर पर गड़बड़िया सामने आई हैं। उनका विभागीय रिकॉर्ड से मिलान करते हुए पेनाल्टी का निर्धारण किया जाएगा।

पहले 19 करोड़ की लगाई थी पेनाल्टी

सात दिनों के अंदर माइनिंग डूंगरपुर और विजिलेंस की यह दूसरी कारवाई है। माइनिंग विभाग ने उस्मानिया गांव में प्रथम कुमार वर्मा की क्वार्ट्ज माइंस पर भारी गड़बड़िया पाई थी। जांच में एक लाख 37 हजार 319.4 टन कुल 4076 रवन्ना काटे गए थे, जबकि मौके पर इतना खनन किए जाने की पुष्टि नहीं हो सकी थी। ऐसे में कुल 18 करोड़ 40 लाख 31 हजार 190 रुपए की पेनाल्टी का नोटिस जारी किया। वहीं घाटा का गांव की हरिराम पुनिया की मेसेनरी स्टोन की माइंस में 36 हजार 505 टन के 2702 रवन्ना जारी किए गए, जबकि खनन काफी कम हुआ था। इस पर 27 लाख 96 हजार 806 रुपए की पेनाल्टी का नोटिस जारी किया गया है।

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