सुखेर थाना क्षेत्र में नेपाली गैंग द्वारा की गई डकैती की घटना खुलासा: मुख्य साजिशकर्ता मास्टरमाईण्ड सहित कुल तीन अभियुक्त गिरफ्तार
डीपी न्यूज नेटवर्क,उदयपुर ।
- मुख्य अपराधी वीरबहादुर उर्फ बलबहादुर मेरठ में 7 करोड की लूट का मुख्य अपराधी होकर वर्तमान में 6 लाख रूपये का ईनामी बदमाश
- घटना में प्रयुक्त वाहन कार एवं पीडितों को बेहोश करने के लिये दी जाने वाली दवाई जब्त
- अभियुक्ता नौकरानी सहित 6 व्यक्तियों की नेपाल में तलाश जारी
उदयपुर, नितेश पटेल । सुखेर थाना पुलिस ने सुखेर थाना क्षेत्र में नेपाली गैंग द्वारा की गई डकैती की घटना खुलासा करते हुए मुख्य साजिशकर्ता मास्टरमाईण्ड सहित कुल तीन अभियुक्त को गिरफ्तार किया।
मुख्य अपराधी वीरबहादुर उर्फ बलबहादुर मेरठ में 7 करोड की लूट का मुख्य अपराधी होकर वर्तमान में 6 लाख रूपये का ईनामी बदमाश है।वही घटना में प्रयुक्त वाहन कार एवं पीडितों को बेहोश करने के लिये दी जाने वाली दवाई जब्त की।अभियुक्ता नौकरानी सहित 6 व्यक्तियों की नेपाल में तलाश जारी है।
एसपी ने बताया की 9 जुलाई को प्रार्थिया शिल्पा गांधी निवासी मॉडर्न कॉम्पलेक्स, भुवाणा पुलिस थाना सुखेर उदयपुर ने रिपोर्ट पेश की कि मेरे पति संजीव गांधी बेटी नियोनिका व बेटे शोर्य सहित उपरोक्त दिये गये पते पर निवास करती हूं। मैं व मेरे पति व्यापार करते है तथा बेटा,बेटी पढ़ाई करते है मेरे मकान पर जाकिर खान निवासी निम्बाहेडा बतौर गार्ड पिछले सात वर्ष से नौकरी करता है जो 2 जुलाई से छुटटी पर था हमारे घर पर साफ सफाई एवं खाना बनाने के लिए नौकरानी की आवश्यकता होने पर हमारे मौहल्ले में निवासरत डा.स्वाति से मैने सम्पर्क किया।डॉ. स्वाति ने मुझे संजोक जो कि एस. के. एजेन्सी दार्जिलिंग में संचालित करता है के मोबाईल नम्बर उपलब्ध करवाया।मैने संजोक नामक व्यक्ति से सम्पर्क किया।संजोक ने मुझे संजय नामक व्यक्ति के मोबाईल नम्बर उपलब्ध करवाये।उक्त दोनो से वार्ता की जाकर संजोक ने 13 जून को करिश्मा निवासी नेपाल को मेरे घर पर कार्य करने हेतु भेजा।करिश्मा नामक महिला जिसकी उम्र करीबन 22-24 वर्ष हो को एक व्यक्ति मेरे घर पर छोडने आया।उक्त महिला 13 जून से मेरे घर पर नौकरानी के रुप में कार्य करने लगी।मैंने उक्त महिला करिश्मा का नेपाली आईडी कार्ड की फोटो कॉपी भी ले ली थी।करिश्मा को मेरे घर पर ही बने सर्वेट क्वार्टर में रहने के लिए व्यवस्था कर दी थी।जो उसी दिनांक से वहीं पर रह रही थी।8 जुलाई को मैने व करिशमा ने रात्रि का खाना मिलकर बनाया था तथा मैने मेरे पति व बेटे-बेटी ने करीबन 9.30 पीएम पर खाना खाया।खाना खाने के करीबन एक घण्टे के बाद मुझे व परिवार के अन्य सदस्यो को बेहोशी छाने लगी व सभी बेहोश हो गए।मुझे अर्धमुर्छा हो घर पर होने वाली गतिविधि महसुस हो रही थी।कुछ समय बाद करिशमा ने घर का दरवाजा खोलकर 4 व्यक्तियों को अंदर प्रवेश करवाया।उक्त करिशमा व उसके साथियो ने घर में तलाशी लेना शुरु कर दिया।जो कि मुझे महसुस हो रहा था। उसके साथियों ने मेरी बेटी नियोनिका को रस्सी से बांध दिया व बदमाशी ने मेरी बेटी के साथ छेडछाड की क्योंकि मेरी बेटी बेहोश थी इसलिए विरोध नहीं कर सकी।मैं अर्धबेहोशी के स्थिति में होने के कारण विरोध अथवा चिल्ला नहीं सकी।कुछ समय पश्चात में भी पुर्णतया बेहोश हो गई।बाद उक्त बदमाशो ने क्या किया मेरी जानकारी नहीं है सुबह में हॉस्पीटल जिसने पहुंचाया मुझे व मेरे परिवार वालो को कोई होश नहीं था।करिशमा व उसके 4 साथियों ने मुझे व मेरे परिवार को खाने में बेहोशी की जहरीली वस्तु मिलाकर हमे बेहोश कर हत्या करने की नियत से हमारे घर में डकैती की। घर से उक्त लोग क्या-क्या सामान लेकर गये इसकी जानकारी में घर पर देखकर ही बता सकती हूँ।उक्त बदमाशो ने हमे मारने की नियत से खाने में जहर मिलाया व घर में लूट की घटना की तथा मेरी बेटी के साथ ज्यादती की।आदि।वगैरा रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज किया जाकर अनुसंधान प्रारम्भ किया गया।
प्रकरण की गम्भीरतो को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक उदयपुर योगेश गोयल ने बताया की मामले के त्वरित अनुसंधान व घटना में लिप्त अज्ञात बदमाशों का पता लगाने के निर्देश प्रदान किये।सुखेर थानाधिकारी हिमाशु सिंह राजावत के निर्देशन में थाने की टीम गठित की गई।पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंच कर अनुसंधान प्रारम्भ किया गया।पुलिस को पीडित परिवार के मकान पर नेपाली नौकरानी द्वारा अपने साथियों के बुलाकर घटना करने के कारण आस पास के नेपाल के लोग जो चौकीदारी तथा घरेलू काम करते है, उनसे अनुसंधान कर पता लगाने का प्रयास किया गया।जिरा प्लेसमेन्ट एजेन्सी द्वारा उक्त महिला करिशमा को नौकरी पर लगाया था उसी के द्वारा नौकरी पर लगाये गये अन्य नेपाली व्यक्तियों से पूछताछ की गई।पुलिस द्वारा तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए करिश्मा के पास मौजूद मोबाईल के बारे में जानकारी ली तो ज्ञात आया कि उक्त मोबाईल नम्बर मुम्बई का है।जिस पर एक टीम धनपत सिंह उप निरीक्षक को नेतृत्व में मुम्बई रवाना की गई।
पुलिस द्वारा थानाधिकारी के नेतृत्व में टीम द्वारा सीसीटीवी फुटेज चैक किये गये।घटनास्थल से उदयपुर से बाहर जाने वाले सभी रास्तों में जिस पर घटनास्थल से गोमती चौराहा, घटनास्थल से पिण्डवाडा तथा घटनास्थल से मंगलवाड तक विभिन्न होटलों टोल नाकों के 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरा बैंक किये गये। सीसीटीवी कैमरे चैक करके पुलिस टीम द्वारा घटना में प्रयुक्त वाहन को चिन्हित किया गया।अभियुक्तगणों द्वारा घटनास्थल से पैदल निकलने तथा आगे सेलिब्रेशन मोल के सामने से एक कार में बैठना पाया गया।उक्त कार एर्टिगा की जानकारी प्राप्त होने पर ज्ञात आया कि उक्त वाहन प्रयासगराज उत्तरप्रदेश निवासी पंकज मिश्रा के नाम पर है।इसी दौरान मुम्बई गई टीम द्वारा जांच की गई ती सामने आया कि उक्त संदिग्ध मोबाईल जो करिश्मा द्वारा उपयोग में लाया गया यह मुम्बई से चोरी हुआ है।तत्पश्चात उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार धनपत सिंह उप निरीक्षक के नेतृत्व में टीम को प्रयागराज भेजा गया।
अभियुक्ता करिश्मा के सम्पर्क दिल्ली में होना सामने आने पर एक टीम उप निरीक्षक कर्मवीर सिंह के नेतृत्व में दिल्ली भेजी गई।पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उमेश ओझा तथा पुलिस उप अधीक्षक कैलाश चन्द्र खटीक द्वारा टीमों की मोनिटरिंग कर आवशयक दिशा निर्देश दिये गये। तकनीकी संसाधनों तथा आसूचना संकलन से सामने आया कि घटना का मुख्य सड़यन्त्रकर्ता वर्तमान में गुरुग्राम में है तथा अन्य घटना करते की फिराक में है।इस सूचना पर थानाधिकारी हिमांशु सिंह के नेतृत्व में एक अन्य टीम गुरुग्राम पहुंची।टीम द्वारा अभियुक्त की तलाश हेतु छापामारी/दबिश दी गई परन्तु अभिगुजा बेहद शातिर व बदमाश होने से कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई। फिर टीम द्वारा गुरुग्राम सेक्टर 31 पर ईफको चौक पर घेराबन्दी कर मुख्य साजिशकर्ता अभियुक्त वीर बहादुर उर्फ बल बहादुर धामी पिता नर बहादुर धामी उम्र 38 साल निवासी कंशीग, थाना होयल,जिला डोटी नेपाल को पकड़ा तथा उसके बाद उसकी निशानदेही से अन्य हिरासिंह पिता लाल बहादूर कामी उम्र 34 साल निवासी कोसिंग-१. बाना होयल जिला बोटी नेपाल को दुर्गा टॉकीज वो पास, नोएडा में पकड़ कर पूछता एकी तो सामने आया कि उक्त दोनों ने ही बारदात करने का प्लान बनाया।नेपाल से जिस महिला को बुलाया उसका असली नाम करिश्मा की बजाय लक्ष्मी होना बताया।
अभियुक्त वीर बहादूर तथा हीरा सिंह से अनुसंधान पर सामने लाया कि उक्त दोनों ने प्लान कर प्लेसमेन्ट एजेन्सी संचालक संजोक नाम के व्यक्ति से मिलकर लक्ष्मी वर्क वारि मा को संजय गांधी के यहां पर काम पर लगाया।उसके बाद नेपाल से अपने साथी दिनेश मिथुन,कांचा वर्मा सुरेन्द्र सन्नी शिवा,राहुल को बुलाया और घटना करने के लिये भेजा।उक्त सभी अभियुक्तगण को भेजने के लिये अपने पूर्व परिचित अफजल को कार एर्टिगा लेकर बुलाया तथा उक्त उकैती की वारदात करवण कर सभी अभियुक्तगणों को बनवासा बॉर्डर पर छोड़ दिया जहां से वे नेपाल बाले गये।
नेपाल कॅर्डर के आस पास उक्त बदमाशों के होने की सम्भावना पर एक टीम को धनपत सिंह उप निरीक्षक के नेतृत्व में नेपाल बॉर्डर पर रवाना किया गया।उक्त टीम द्वारा नेपाल जाकर तलाश करने का प्रयास किया परन्तु अभियुक्तगण सभी अपने घर से गायब है। टीम द्वारा मौके पर वाहन चालक अफजल पिता अयूब खाना पठान उम्र 22 साल निवासी 1 टाईप 2. वरून कॉम्पलेक्स कोवली, थाना अशोक नगर, ईस्ट दिल्ली नगर पता लगाकर उसको पकड़ा तथा पूछताछ की तो सामने आया कि अभियुक्त वीर बहादर हीरा सिंह तथा दिनेश ने लालच देकर मुझे कहा कि तुमको भी लूटे गये माल में से हिस्सा देंगे जिस पर में उनके साथ डकैती करने चला गया था।
तीनों अभियुक्तगणों दौर बहादुर हीरा सिंह तथा अफजल को उदयपुर लेकर आये तथा बद पूछताछ गिरफ्तार किया गया है।उक्त बदमाशों से पूरे देश में की गई और भी कई वारदातों का खुलासा होने की सम्भावना है।
प्रकरण हाजा में गिरफ्तार शातिर अभियुक्त वीर बहादुर पूर्व में मेरठ (जतार प्रदेश) में की गई करोड रूपये की डकैती का मुख्य वाछित अपराधी है जिसकी गिरफ्तारी पर 5 लाख रूपये का ईनाम घोसित है।उक्त घटना होने के बाद उत्तरप्रदेश पुलिस द्वारा नेपाल पहुंच कर उक्त बदमाश का मता लगाया तथा पूछताछ भी की गई परन्तु नेपाल नो गुलजिम लाने की संचि नहीं होने से नियमों वो कारण अभियुक्त को नहीं ला पाये। उक्त अभियुका को उदयपुर पुलिस की टीम द्वारा गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया।वीर बहादुर के कब्जे से बेहोशी के लिये दी जाने वाली दवाई भी जबत की गई है।इसी नेपाली गैंग द्वारा निजामुद्दीन में एक डॉक्टर के घर डकैती करते समय हत्या की थी जिसका प्रकरण अनुसंधानाधीन है।दिल्ली,हरियाणा तथा उत्तरप्रदेश पुलिस को अभियुक्तगणों के आगमी पगान के बारे में जानकारी दी जाकर होने वाली घटनाओं को रोकने के प्रयास भी किये गये है।
तरीका वारदात
उक्त बदमाशों द्वारा घर में घरेलू नौकर की पारुयत वाले घरों में नेपाल से बुलाकर कोई लड़की /व्यक्ति नौकर के रूप में रख देते। कुछ दिनों तक काम करने के बाद अगर घर में नकद / सोना चांदी के जेवरात रसत्ले की जगह देख लेते तथा किसी दिन घरवालों को खाने बेहोशी की दवा मिलाकर दे देते जिस पर घर काले बेहोश हो जाते तथा अभियुक्त
वारदात कर फरार हो जाते तथा नेपाल जाकर छिप जाते। कुछ दिनों बाद वापस भारत आकर अन्य घर को निशाना बनाकर चोरी करते। किसी मकान पर अधिक धनराशि/जेवर होने की सम्भावना नहीं होने पर उस घर को किसी बहाने से छोड देते तथा अन्य शिकार की तलाश में निकल जाते। अभियुक्तगण द्वारा मेरठ में 7 करोड की डकैती की। उसके अतिरिक्त दिल्ली/गुरूग्राम/मुम्बईके जुहू क्षेत्र में वारदातें करना स्वीकार किया है।
अभियुक्तगणों द्वारा वर्तमान में हरियाणा तथा दिल्ली में अन्य स्थानों पर लोगों के घरों पर चोरी करने के लिये नौकर लगा रखे है जहां मौका मिलते ही चोरी करने वाले थे। उक्त स्थानों के सम्बन्ध में सम्बन्धित राज्य की पुलिस को सूचित कर दिया गया है।
अभियुक्त संगठित गिरोह बनाकर तीन स्तर पर अलग अलग टीमें बनाकर अपराध करते है।पहली टीम प्लेसमेन्ट एजेन्सी बनाकर लडके लडकी को नौकरी पर रखते है, ट्रेनिंग देते है तथा चोरी किये गये मोबाईल फोन का इस्तेमाल कर पूरी घटना करवाते है।
भेजे गये लडके लडकी से हर दो तीन दिन में घर वालों के बारे में जानकारी प्राप्त करते है तथा उक्त घर की स्थिति, नशा, पार्टी करने आदि के बारे में जानकारी प्राप्त करते है। उक्त घर पर कितना नकद / जेवरात आदि उपलब्ध है, इस बारे में पता करते है।
सही समय देखकर नेपाल से एक टीम बुलाकराईवर के साथ मौके पर भेजकर डकैती करवा देते है तथा पहचान छुपाकर नेपाल बॉर्डर क्रॉस करवा देते है।
उक्त सभी बदमाश पश्चिम नेपाल के दो तीन जिले में फैले हुए है। उक्त लोग गैंग बनाकर भारत में आते है। उक्त गैंग के विरूद्ध भारत के विभिन्न राज्यों में दर्जनों केस लम्बित है। उक्त बदमाश इतने दुस्साहसी है कि एक अपराध के बाद लगातार दूसरे अपराध की तैयारी कर लेते है तथा ये सभी लोग नेपाल के धनगढी, डोटी, महेन्द्रनगर जिलों में निवास करते है। वांछित नौकरानी करि मा उर्फ लक्ष्मी नेपाल की छंटी हुई बदमाश है तथा जूडो कराटे में ब्लैक बैल्ट होकर एक पुरूश की तरह ही मजबूती से अपराध करने में सक्षम है।
