उदयपुर : हाथरस कांड के बाबाओं के खिलाफ़ एक्शन,गंभीर बीमारियों को ठीक करने के नाम पर लगा रहा था दरबार, पुलिस ने बंद कराया

हाथरस कांड के बाद पुलिस प्रशासन कथित तौर पर लोगों का इलाज करने वाले बाबाओं के खिलाफ एक्शन लेने लगा है। बयाना थाना क्षेत्र के गांव मुर्रकी में पुलिस प्रशासन ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए एक कथित बाबा के दरबार को बंद कराया। कथित बाबा अपने आपको सीआरपीएफ का पूर्व सिपाही बताता है। यहां अनिल कुमार नाम का एक व्यक्ति अपने आप को सिद्ध पुरुष बताकर लोगों की गंभीर बीमारियां ठीक करने का दावा कर पिछले डेढ़ महीने से दरबार लगा रहा था।

अनिल कुमार लोगों को कैंसर, बांझपन जैसी गंभीर बीमारियां तक अपने देसी इलाज से ठीक करने का झांसा दे रहा था। कथित बाबा उपचार कराने आने वाले लोगों को दवा के नाम पर गुलाब की पंखुड़ियां और लोंग दे रहा था। उधर, पुलिस की कार्रवाई से बाबा के पास इलाज कराने आए लोगों में रोष फैल गया। लोगों ने पुलिस की कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा कि बाबा निशुल्क लोगों की सेवा कर रहा है। हालांकि मौके पर मिले कई मरीजों ने बताया कि बाबा 50-100 रुपए लेता है।

जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश के भिंड जिले का रहने वाला अनिल कुमार गर्ग अपने आपको सिद्ध पुरुष बताकर हनुमान जी की शक्ति का नाम लेकर पिछले डेढ़ महीने से बयाना से सटे मुर्रकी गांव के एक घर में दरबार चला रहा था। अनिल कुमार प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को यह दरबार चलाता था।

बाबा का कहना है कि हनुमान जी की कृपा से कैंसर, गठिया, बांझपन, किडनी, लकवा, ब्रेन स्ट्रोक, कोलेस्ट्रॉल, बीपी, शुगर आदि सभी बीमारियों का सफल उपचार होता है। निशुल्क इलाज करता हूं। किसी से कोई पैसा नहीं लेता। पिछले एक महीने में एक लाख से अधिक लोगों का उपचार कर चुका हूं।

बयाना कोतवाली एसआई रमेश खटाना ने बताया कि कथित बाबा द्वारा दरबार लगाकर लोगों को बीमारियों के इलाज के नाम पर झांसा देने की सूचना मिली थी। इस पर कथित बाबा को दरबार बंद करने के लिए पाबंद किया है।

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