हफ्ता वसूली और जबरन उगाही का मामला : हफ्ता नहीं दिया तो रेहड़ी वालों को पीटा… 500 मीटर पहुंचने में पुलिस को 1 घंटा लगा, तब तक बदमाश भागे

बांसवाडा शहर में हफ्ता वसूली और जबरन उगाही का मामला सामने आया है। डायलाव तालाब किनारे व्यापार कर रहे रेहड़ी वालों से तीन दिन में चार घटनाएं हो चुकी हैं। 4 जून को कार में 7 लड़के आए और सैनका सोड़ा सेंटर पर सोड़ा पिया। रुपए मांगने पर बदमाशों ने रेहड़ी वाले के साथ बहस करते हुए मारपीट करने लगे। उसके बाद बिना रुपए दिए वहां से चले गए।

शुक्रवार को दोपहर मेंं बाइक सवार तीन लड़के आए और झाला फास्ट फूड पर नाश्ता कर रुपए देने से इंकार कर दिया। फास्ट फूड मालिक से मारपीट भी की। उसके बाद शाम 7 बजे दो लड़के आए और चाइनीज ठेला मालिक से हफ्ता मांगने लगे। इंकार करने पर चाकू दिखाकर सूनसान जगह ले गए। बॉम्बे सेंडविच मालिक पंकज धाकड़ के लॉरी पर सेंडविच खाया और फिर चाकू दिखाकर 150 रुपए वसूल लिए। इसके बाद बदमाश गौरव चाट भंडार पर हेमंत कुमार प्रजापत को चाकू दिखाकर 300 रुपए ले गए। प्रह्लाद प्रजापत ने हफ्ता नहीं दिया तो चाकू मारने की कोशिश की।

प्रह्लाद चिल्लाया तो कुछ लोग इकट्‌ठे हो गए, तभी बदमाश काउंटर पर रखे रुपए लेकर भाग गए। घायल केदार भागते हुए बदमाशों ने पत्थर फेंके तो उसमें से एक पत्थर रेहड़ी वाले केदार तंबोली के सिर में लगा, जिससे उसे गहरी चोट आई। जिसे एमजी अस्पताल ले जाकर इलाज कराया। वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को फोन किया, लेकिन पुलिस नहीं पहुंची। करीब रात साढ़े नौ बजे रेहड़ी वाले ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। शुक्रवार रात को जहां पर घटना हुई, वह जगह कोतवाली पुलिस थाने से महज 500 मीटर दूर है। रेहड़ी वालों ने पुलिस को सूचना दी लेकिन जीप से पुलिस को यहां पहुंचने में करीब एक घंटा लग गया। तब तक बदमाश रहेड़ी वालों से वसूली करते रहे। उत्पात मचाते रहे।

यहां शुक्रवार दोपर को भी वसूली हुई थी। इससे तीन पहले भी फ्री में खाने और वसूली करने के लिए आए बदमाशों ने रेहड़ी वालों से मारपीट की। कहने के लिए यह मामला 100-200 रुपए या फिर फ्री खाने का हो सकता है लेकिन एक बात कह सकते हैं कि बांसवाड़ा के छोटे-छोटे बदमाशों में भी अब बांवाड़ा पुलसि का खौफ नहीं रहा। आईजी, एसपी से लेकर यहां पर पुलिस के तमाम अधिकारी हैं लेकिन इस घटना के बाद ऐसा कुछ लगा नहीं क्योंकि रेहड़ी वाले दो दो दिन से पुलिस के चक्कर ही काट रहे हैं। बड़े शहरों जैसी है। पुलिस ने इस मामले को पूरी तरह से नजरअंदाज किया।

रेहड़ी वालों का कहना है कि उनको पुलिस से जैसा रिस्पोंस मिलना चाहिए था वैसा नहीं िमला। दाहोद रोड पर ही दो दिन पहले एक कचोरी की दुकान पर भी इसी तरह बदमाशों ने मारपीट की थी। ^रेहड़ी संचालकों का कहना है कि उन्होंने घटना के दौरान ही पुलिस को फोन किया लेकिन पुलिस करीब 1 घंटे बाद पहुंची तब तक बदमाश भाग गए। उधर, कोतवाल देवीलाल का कहना है कि बाहर होने से उनको जानकारी नहीं है।

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