साइबर ठगी के लिए ठग अपना रहे नए तरीके : एटीएम में चिप लगा कार्ड फंसाया, फर्जी हेल्पलाइन पर पिन लिया, निकाले पैसे

बदमाश साइबर ठगी के नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं। अब एटीएम कार्ड को चिप के जरिये एटीएम में अटकाने, फिर फर्जी हेल्पलाइन के जरिये ग्राहक को फंसाकर पैसे निकालने के चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। खास बात यह है कि ठग इसके लिए शनिवार का दिन चुन रहे हैं, ताकि रविवार को बैंक बंद होने से ग्राहक सीधी हैल्प भी नहीं ले सकें।

दरअसल, एकलिंगपुरा निवासी लक्ष्मण सालवी 4 मई को दोपहर में बंजारा बस्ती स्थित एसबीआई बैंक के एटीएम से पैसे निकालने पहुंचे। यहां मशीन में कार्ड डाला तो अन्य मशीनों की तरह वह भी पैसे निकलने तक जैसे अटकता है, वैसे ही अटक गया, लेकिन पिन डालने के बाद भी न तो पैसे निकले और न ही कार्ड वापस निकला। उन्होंने कैंसिल आदि बटन दबाए, लेकिन कार्ड बाहर नहीं आया।

इस दौरान एटीएम मशीन पर ही हैल्पलाइन नंबर लिखे हुए दिखे तो उन्होंने उस पर कॉल किया। यह नंबर भी ठगों ने ही हूबहू बैंक की ओर से लगाए जाने वाले नंबरों की तरह लिखकर चिपकाए हुए थे। इस पर कॉल करने पर ठग ने ऑनलाइन ही कार्ड निकालने के लिए एटीएम पिन मांगा।

लक्ष्मण ने पिन बताए तो सामने वाले व्यक्ति ने ऑनलाइन समाधान नहीं होना बताया और सोमवार को इंजीनियर भेजकर कार्ड निकलवाने की बात कही। इसके बाद लक्ष्मण कार्ड छोड़कर वहां से निकल गए। कुछ देर बार दो ठग वहां आए और एक बार में 9500 तथा दूसरी बार में 6300 रुपए सहित कुल 15 हजार 800 रुपए निकाल लिए।

इसके मैसेज मिलने के बाद लक्ष्मण ने पुलिस को सूचना दी और उन्होंने तुरंत अकाउंट ब्लॉक कराया। इसके बाद वे एटीएम पर पहुंचे तो कार्ड भी गायब था। मामले की हिरणमगरी थाने के कांस्टेबल रामजीलाल जांच कर रहे हैं।

बिना गार्ड वाले एटीएम से पैसे नहीं निकालें, कार्ड फंसे तो भी पिन न दें

साइबर एक्सपर्ट और पुलिस के अनुसार ठगों ने कार्ड अटकाने के लिए मशीन में कार्ड डालने वाली जगह पर अपनी चिप लगाई। इससे कार्ड अटका रह गया। ठग आसपास में ही रहते हैं और ग्राहक के लौटने के बाद वे चिप और कार्ड को ले जाते हैं।

चूंकि, ग्राहक ने उन्हें पिन नंबर बता दिए थे, ऐसे में उनके खाते से राशि निकाल ली गई। साइबर एक्सपर्ट और कांस्टेबल राजकुमार जाखड़ ने बताया कि ऐसी ठगी से बचने के लिए बिना गार्ड वाले एटीएम से पैसे निकालने से बचना चाहिए। कार्ड मशीन में फंसने पर अगर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल भी करें तो पिन नहीं बताएं।

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