न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं ने पक्षियों के लिए दाना एवं पानी के लिए परिंडे बांधे
वल्लभनगर,कन्हैयालाल मेनारिया । गर्मियों में जैसे-जैसे पारा चढ़ता है, पक्षियों के लिए दाना-पानी ढूंढ पाना भी उतना ही मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कई बेजुबान पक्षी दाना-पानी नहीं मिलने की वजह से अपनी जिंदगी भी नहीं बचा पाते। शुक्रवार को बार एसोसिएशन वल्लभनगर के अधिवक्ताओं ने बार अध्यक्ष रमेश चंद्र सांगावत के नेतृत्व में पक्षियों के लिए न्यायालय परिसर में जगह-जगह दाना एवं पीने के पानी के लिए परिंडे बांधे। जिसमें वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वल्लभनगर प्रेम गढ़वाल, उपखंड अधिकारी वल्लभनगर हुकम कुंवर द्वारा भी परिंडे बांध उसमें पानी भरा। उपखंड अधिकारी वल्लभनगर हुकम कुंवर ने कहा कि बेजुबान के लिए जगह-जगह परिंडे लगाकर पुण्य के भागीदार बनना चाहिए। जिसमें बेजुबानों को समय पर दाना पानी मिल सके। वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश, वल्लभनगर प्रेम गढ़वाल ने कहा कि सभी अपने-अपने क्षेत्रों में पशु और पक्षियों के लिए पानी की उचित व्यवस्था करें। ताकि पानी की कमी के कारण पशु- पक्षी इधर-उधर ना भटकें। इससे बड़ा पुण्य का कार्य और कोई नहीं है।इस अवसर पर बार अध्यक्ष रमेशचंद्र सांगावत, अधिवक्ता रमेश चंद्र बडाला, अजीत प्रसाद नीमडीया, महासचिव बाबूलाल डांगी, उपाध्यक्ष अनूप पुजारी, वित्त सचिव योगेंद्र माली, मुकेश गोपावत, पूर्व महासचिव दुर्गेश मेनारिया, पूर्व वित्त सचिव मुकेश डांगी, श्रवण कुमार पोखरना, पुर्व बार अध्यक्ष मुकेश कुमार मेनारिया, पैनल लॉयर गजेंद्र ओस्तवाल, भूपेंद्र कुमार मेनारिया, भगवानलाल मेनारिया, पुर्व उपाध्यक्ष अभिमन्यु जाट, सचिव कैलाश मेघवाल, पुस्तकालय सचिव सुरेशचंद्र मेनारिया, पुष्पेंद्र सिंह राणावत, शरीफ मोहम्मद, नारायण डांगी, शांतिलाल डांगी, कन्हैयालाल डांगी, लहरीलाल डांगी, ललित डांगी, चंद्रप्रकाश मेघवाल, विकास ओस्तवाल, नारायणलाल गाडरी, ललिता मेनारिया, हेमंत मेनारिया, पवन मेनारिया, नारायण डांगी, रीडर हेमेंद्र मेहरा, कमलेश सहित अन्य अधिवक्तागण मौजूद रहे।
