वागड़ में बाप और कांग्रेस आदिवासियों से धोखा कर रहे, राज्यसभा सांसद बोले : ताराचन्द ने कलेक्टर रहते हुए एजेंट की तरह काम किया

भाजपा के दो आदिवासी चेहरों जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी और राज्यसभा सदस्य चुन्नीलाल गरासिया ने भारत आदिवासी पार्टी (बाप) और कांग्रेस पर निशाने साधा। उन्होंने कहा कि ये वागड़ में आदिवासियों के साथ धोखा कर रहे है। आदिवासी 26 अप्रेल को इनको करारा जवाब देगा।

प्रेस कांफ्रेंस में खराड़ी और गरासिया ने कांग्रेस उम्मीदवार ताराचंद मीणा पर आरोप लगाया। कहा कि ताराचंद उदयपुर के कलेक्टर थे, तब पद पर रहते हुए पार्टी के लिए एजेंट की तरह काम किया। खराड़ी और गरासिया ने कहा कि ताराचंद मीणा ने कलेक्टर रहते हुए मिशन कोटड़ा अभियान चलाया था, जिसका कोई परिणाम नहीं आया। ताराचंद ने मिशन कोटड़ा में क्या किया यह बता दें तो जाने। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने चुनावों में सरकारी गाड़ी का मिस यूज किया था। जिस पर कोटड़ा की जनता ने कांग्रेस को नकार दिया।

खराड़ी ने आरोप लगाया कि ताराचंद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कह चुके थे कि झाड़ोल को जिला बना रहे है लेकिन जब सूची में नाम नहीं आया तो निराशा हाथ लगी। बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय दर्जा के सवाल पर खराड़ी बोले कि हमारे एजेंडे में है, उसका विकास करेंगे और जितना बजट खर्च करना होगा उतना करेंगे।

कांग्रेस ने आदिवासियों के साथ मजाक किया

राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने कहा कि कांग्रेस ने इस चुनाव में बांसवाड़ा में जनता के साथ मजाक किया है। देश निर्माण के चुनाव में कांग्रेस ने जो किया, उसका जवाब जनता देगी। उन्होंने पहले कांग्रेस से उम्मीदवार घोषित किया और बाद में बाप पार्टी को समर्थन दिया। कांग्रेस ने वहां आदिवासियों के साथ मजाक किया है।

राजकुमार रोत को जनता जवाब देगी

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अबकी बार 400 पार के नारे पर बाप पार्टी के राजकुमार रोत कह रहे है कि ये संविधान और आरक्षण खत्म करना चाहते है जो सरासर गलत है। गरासिया ने कहा कि जनता काठ की हांडी एक बार चढ़ती दुबारा नहीं। गुमराह कर रहे राजकुमार रोत को अब वहां की जनता, युवा जवाब देगी।

गरासिया ने कहा कि ये वहीं राजकुमार रोत है जिन्होंने कांकरी डूंगरी प्रकरण में बेरोजगारों को उलझाया जिससे आज उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है। उन्होंने रोत के अलावा सागवाड़ा के पूर्व विधायक रामप्रसाद ढिंढोर पर आरोप लगाया कि दोनों ने जनता के काम नहीं किए और गहलोत सरकार को राज्यसभा चुनाव से लेकर सरकार बचाने में परदे के पीछे साथ दिया।

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