साइबर ठगों के निशाने पर पेंशनर्स,फोन पर पीपीओ रिवाइज करने के लिए मांग रहे जानकारी

साइबर अपराधी अब पेंशनर्स को फंसाने में लगे है। उदयपुर के पेंशनर्स के पास इन दिनों फोन आ रहे है और पेंशन पेमेंट ऑर्डर (पीपीओ) रिवाइज करने की बात करते हुए जानकारी मांग रहे है। इस संबंध में उदयपुर के ट्रेजरार बोले कि हमारे यहां से ऐसी कोई जानकारी फोन पर नहीं मांगते है। साइबर अपराधी ठगी के नित नए तरीके निकाल रहे है। एक पेंशनर्स ने जिला कोष कार्यालय में बताया, तब जाकर इसका खुलासा हुआ। कोष कार्यालय ने पेंशनर्स तक संदेश पहुंचाया कि यहां पर किसी भी प्रकार की फोन पर जानकारी नहीं मांगी जाती है। जिला कोषाधिकारी ने सभी को सावधान रहने की अपील की है।

जिला कोषाधिकारी (ग्रामीण) महेंद्र सिंह ने कहा कि कोष कार्यालय की ओर से किसी भी प्रकार के फोन कॉल्स किसी भी पेंशनर को पीपीओ रिवाइज करने या अन्य कारणों से नहीं किए जा रहे है। ऐसे में संबंधित पेंशनर किसी साइबर अपराधी के बहकावे में न आते हुए किसी भी प्रकार की निजी जानकारी, ओटीपी इत्यादि शेयर न करें।

उन्होंने बताया कि इन दिनों जिले के पेंशनरों को साइबर अपराधियों की ओर से फोन कॉल किए जा रहे हैं। उनसे कहा जा रहा है कि आपका पीपीओ रिवाइज करना है और मैं कोष कार्यालय से बात कर रहा हूं। उन्होंने बताया कि कुछ जागरूक पेंशनरों ने तत्काल कोष कार्यालय से पूछताछ कर ऐसी जानकारी लेने की बात पूछी तो ठगी के प्रयास होने की बात सामने आई है।

अतिरिक्त कोषाधिकारी शिल्पा सक्सेना ने बताया कि कोषाधिकारी ने कहा कि किसी भी पेंशनर को कोष कार्यालय के नाम से यदि फोन आता है तो उनके मोबाइल नम्बर 8946859265 पर तत्काल सूचना देवें और सत्यापन अवश्य करें ताकि किसी भी प्रकार की ठगी से बचा जा सकें।

साइबर क्राइम से बचने के लिए यह रखे सावधानियां

  • सोशल मीडिया पर आने वाले फर्जी लिंक से पूरी तरह सावधान रहे, उनको क्लिक नहीं करें
  • किसी भी संदिग्ध लिंक पर बैंक संबंधी किसी भी प्रकार की जानकारी साझा न करें
  • घर बैठे लाखों रुपए कमाने का झांसा देकर बैंक संबंधित जानकारी मांगने वालों से बचे
  • लोभ-लालच में आकर अपनी बैंक संबंधी डिटेल या अन्य कोई भी जानकारी साझा न करें
  • बैंक खाते को ब्लॉक करने संबंधित किसी भी कॉल, मैसेज या एसएमएस पर कोई साझा न करें
  • सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार के फर्जी या असत्यापित लिंक को न खोलें
  • अज्ञात नंबरों द्वारा भेजे गए ओटीपी को साझा करने से बचे
  • अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए प्राइवेसी को सार्वजनिक न करें
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