नारकोटिक्स कार्यालय में 21 गांवों के 406 किसानों की तुली अफीम, 13 अप्रैल तक प्रथम खंड के 4984 किसानों की तुली अफीम

अफीम का तौल 3 अप्रैल से हुआ शुरू, 13 अप्रैल को हुआ तौल समाप्त, तौल के बाद भुगतान भी हाथोंहाथ ऑनलाइन किसान के खाते में जमा

 बांसडा,कन्हैयालाल मेनारिया । अफीम तौल के इंतजार में बैठे अफीम काश्तकारो का इंतजार अब खत्म हो चुका है। नारकोटिक्स विभाग चित्तौड़गढ़ कार्यालय में इस साल की अफीम का तौल 3 अप्रैल से शुरू हो गया है, जो 11 दिनों बाद शनिवार को समाप्त हुआ। द्वितीय खंड के जिला अफीम अधिकारी अमरसिंह कन्नौजिया ने बताया कि द्वितीय खंड में इस वर्ष 187 गांवो के कुल 5790 लाइसेंस जारी हुए, जिसमें से 1313 लाइसेंस सीपीएस पद्धति के जारी किए गए। द्वितीय खंड का तौल 12 अप्रैल को समाप्त हो गया। 12 अप्रैल को द्वितीय खंड में 19 गांवो के 271 किसानों का तौल हुआ और 12 अप्रैल तक कुल 4341 अफीम काश्तकारों की अफीम का तौल हो गया है।

 

शनिवार को अंतिम दिन वल्लभनगर, भींडर, कानोड़, बस्सी, भदेसर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर का हुआ तौल

 

चित्तौड़गढ़ प्रथम खंड के जिला अफीम अधिकारी अजय कुमार शंखवार ने बताया कि शनिवार को तौल के अंतिम दिन वल्लभनगर, भींडर, कानोड़, बस्सी, भदेसर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर तहसीलों के प्रथम खंड में 21 गाँवो के 406 काश्तकारों का तौल नारकोटिक्स कार्यालय चित्तौड़गढ़ में हुआ। इस वर्ष प्रथम खंड में 7832 लाइसेंस जारी हुए, जिसमें से 2632 लाइसेंस सीपीएस पद्धति से जारी हुए। वही प्रथम खंड में 23 गांवो के 26 अफीम किसानों ने अपनी फसल की अप्रोटिंग (नष्टीकरण) करवायी है। तौल को लेकर अलसुबह 3.30 बजे से काश्तकार आने शुरू हो गए। जिसमें शुक्रवार, शनिवार को वल्लभनगर तहसील के मेनार, रुंडेड़ा, करणपुर, रूपावली गांवो का तौल भी हुआ। मेनार मुखिया दयाशंकर रामावत, पुरुषोत्तम दावोत ने बताया कि शनिवार को मेनार के 63 अफीम काश्तकारों ने अपना अफीम तौल करवाया। इसके साथ ही शनिवार को 21 गांव पारोली के 11, गाडरी का खेड़ा के 19, शिवपुरा के 29, मदनपुरा के 16, भूतिया खुर्द के 26, बिलड़ी के 16, पिथलपुरा के 27, फ़तेहपुरा के 11, जालमपुरा के 34, कैरिंग का खेड़ा के 7, नरबदिया के 18, सरलाई के 13, सगवड़िया के 8, नाहरपुरा के 13, सुरखंड के 14, संग्रामपुरा (खेरोदा) के 13, मदनपुरा के 16, लुणदा के 14, अमरपुरा (लुणदा) के 35, सरवानिया के 19 अफीम किसानों सहित कुल 406 किसानों की अफीम का तौल हुआ।

वही 12 अप्रैल शुक्रवार को प्रथम खण्ड के 32 गांवो के 491 किसानों का तौल हुआ, और प्रथम खंड में इन 32 गांवो के 35 अफीम किसानों ने अपनी फसल की अप्रोटिंग (नष्टीकरण) करवायी है। 12 अप्रैल को करणपुर के 4, रुंडेड़ा का 1, रूपावली के 2, गोपालपुरा के 26, कल्याणपुरा के 5, लाखों का खेड़ा के 7, सेमलपुरा के 16, अमरपुरा (भदेसर) के 5, भाटो का मिनाना का 1, धनेट टोकरियां के 14, गंटेडी के 41, कास्या खुर्द के 20, नपावाली का 1, रकमपुरा के 4, रेवालिया कला के 25, ननाणा के 23, चौहानों का कंथारिया के 3, मेहंदी का अमराना के 7, घघासा के 2, रामपुरिया कोर के 15, ओनड़ सिंह का सारंगपुरा के 10, जसवंतपुरा के 9, केसरपुरा बड़ा ए व बी के 52, नांक्यो का खेड़ा के 3, सालेड़ा के, बी के 77, संग्रामपुरा (लुणदा) के 40, संग्रामपुरा जाटों का के 41, आरसीए का 1 अफीम किसानों का तौल हुआ। 13 अप्रैल तक चित्तौड़गढ़ प्रथम खंड के कुल 4984 अफीम किसानों की अफीम का तौल हो चुका है। इसके साथ ही अफीम किसानों के अफीम का भुगतान भी ऑनलाइन खाते में जमा हो रहा है। तीनो खंडों में इस बार 14 हजार 638 किसानों को अफीम के पट्टे दिए थे। इसके अलावा 5021 सीपीएस पद्धति से पट्टे जारी हुए हैं।

वही चित्तौड़गढ़ शहर में केंद्रीय नारकोटिक्स विभाग के दोनों खंडों का अफीम तौल 3 अप्रैल से शुरू हुआ। पहले दिन 28 गांवों के 358 किसानों को अफीम के बदले विभाग ने 45 लाख रुपये ऑनलाइन भुगतान किया। इंदिरा गांधी स्टेडियम के सामने नारकोटिक्स कार्यालय में खंड प्रथम व प्रथम खंड के जिला अफीम अधिकारी अजय कुमार शंखवार व द्वितीय अमरसिंह कन्नौजिया के निर्देशन में तौल कार्य सुबह 7 बजे शुरू होकर दोपहर 1 बजे तक चला। अक्टूबर में खेती का लाइसेंस मिलने के बाद 90 दिन में तैयार हुई अफीम अब विभाग में जमा हो रही है, जिसका समापन शनिवार को हुआ। खंड प्रथम में 3 अप्रैल को चित्तौड़गढ़, बस्सी व भदेसर तहसील के 16 गांवों के 201 किसानों की अफीम आई। 4 अप्रैल को इन तीन तहसीलों के 28 गांवों के 485 किसान अफीम तौल हुआ। खंड द्वितीय में पहले दिन कपासन, गंगरार व डूंगला तहसीलों के 12 गांवों के 157 किसानों की अफीम तौली गई। 4 अप्रैल को 18 गांवों के 437 किसानों की अफीम का तौल हुआ।

गम पद्धति से अफीम तौल संपन्न होने के बाद अब खंड प्रथम व द्वितीय में सीपीएस पद्धति का जल्द ही तौल शुरू होगा। विभाग अभी बॉक्स ब्लेयर मशीन कार्यालय में ले आये है, जिससे के जयपुर से नहीं पहुंचने के कारण थ्रेसर मशीन का उपयोग किया जा रहा है। डोडो को उसमें पीसकर फिर वेयरहाउस में रखा जा रहा है।

गर्मी से राहत, सुरक्षा व स्वच्छता के प्रबंध

तेज गर्मी में आ रहे किसानों के लिए विभाग ने गर्मी से राहत के लिए प्रबंध किए हैं। किसानों के लिए दो बड़े डोम बनाये गए, जिसमें प्रथम एवं द्वितीय खंड की अफीम तौली गयी। केंद्र के पास विश्राम स्थल बनाया। ठंडे पेयजल, कूलर, पंखे लगाए गए हैं। चाय, शौचालय की अस्थाई सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। सुरक्षा के लिए नारकोटिक्स टीम के अलावा पुलिस जाब्ता, सीसीटीवी कैमरे भी लगाए। पार्किंग व प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था भी रखी गई है। लेकिन साफ सफाई का ध्यान नहीं रखा जा रहा है, किसानों के लिए डोम में बिछाई गई मेटिंग पर कचरा, मिट्टी पड़ी हुई थी, जिस पर ही मजबूर किसानों को बैठना पड़ा।

तौल के बाद विशेष रेलगाड़ी से गाजीपुर अफीम फैक्ट्री भेजते है

तौल होने के बाद हर किसान की अफीम प्लास्टिक कैन नुमा कंटेनर में रखकर सेंट्रल गोदाम में रखी जा रही है। पूरा तौल होने के बाद पूरी अफीम एक साथ विशेष रेलगाड़ी से गाजीपुर अफीम फैक्ट्री भेजी जाएगी। जिसके तहत तौल से कई दिन पहले हजारों कैन यहां विभाग परिसर में पहुंच गए है। परिसर से कैन लेकर काश्तकार अफीम रखने से पूर्व इनकी साफ सफाई कर फिर अफीम को कैन में भरते है और जो कैन किसान लेता है उसका वजन कर विभाग द्वारा कैन का वजन कैन पर अंकित किया जाता है। प्रति दिन औसत 400 किसानों की अफीम तौल होने से पूरा कार्यक्रम 13 अप्रैल शनिवार को निपट गया है।

इनका कहना है कि :- 

……3 अप्रैल से तौल का कार्य शुरू हुआ और 13 अप्रैल शनिवार तक प्रथम, द्वितीय खंड के गम पद्धति से जारी लाइसेंस पट्टेधारियों का अफीम तौल हो चुका है। शनिवार को 21 गांवो के 406 किसानों का तौल हुआ। अब विभाग के आगे के निर्देश पर सीपीएस पद्धति से जारी लाइसेंस धारियों का तौल शुरू होगा।

 …….अजय कुमार शंखवार, चित्तौड़गढ़ प्रथम खंड जिला अफीम अधिकारी

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