राजस्थान: ऑक्शन करने में फेल हुए तो कर दिया लाइसेंस रिन्यू , आबकारी विभाग ने मौजूदा शराब दुकानों का लाइसेंस 30 जून तक बढ़ाया
राजस्थान में मौजूदा संचालित शराब की दुकानाें की लाइसेंस अवधि को सरकार ने तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है। अब मौजूदा दुकान संचालक 30 जून तक इन दुकानों का संचालन कर सकेंगे। इतना ही नहीं जिन दुकान संचालकों की गारंटी (शराब बेचकर टेक्स जमा करवाने की टारगेट राशि) पूरी नहीं हुई है, उन्हें ये राशि 30 जून तक जमा करवाने की छूट दी है। हालांकि इनमें से आधे से ज्यादा दुकान संचालक लाइसेंस रिन्यू करवाने के पक्ष में नहीं है। क्योंकि मौजूदा समय में ये दुकानें अपना टारगेट पूरा नहीं कर पा रही, जिसके कारण इनके संचालक अब इन्हें 31 मार्च तक बंद करना चाहते है।
दरअसल सरकार ने पिछले महीने आबकारी पॉलिसी लाकर प्रदेश में संचालित तमाम शराब की दुकानों के लाइसेंस को 10 फीसदी बढ़ोतरी के साथ रिन्यू करने का निर्णय किया था। इस निर्णय के तहत 23 फरवरी तक दुकानों का लाइसेंस रिन्यू करवाने का मौका दिया गया, लेकिन 5989 दुकान में से केवल 2798 दुकान संचालकों ने भी अपने लाइसेंस रिन्यू करवाए। अब जो दुकानें मौजूदा समय में संचालित है और जिनका लाइसेंस रिन्यू नहीं हुआ है, उनके लाइसेंस की अवधि को सरकार ने 30 जून तक बढ़ा दिया।
दो चरण में करवाए ऑक्शन, नहीं बिकी दुकानें
जिन दुकान संचालकों ने अपने लाइसेंस रिन्यू नहीं करवाए उन दुकानों को नीलाम करने के लिए विभाग ने ई-ऑक्शन करवाया। इस ई-ऑक्शन में भी किसी व्यापारी ने इन दुकानों को लेने में रूचि नहीं दिखाई। इसे देखते हुए विभाग के पास अब शेष रही इन दुकानों के लाइसेंस को 30 जून तक बढ़ाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं रहा।
टारगेट पूरा नहीं, गारंटी राशि भी अटकी
सूत्रों के मुताबिक मौजूदा समय में जो दुकानें चल रही है उसमें 30 फीसदी दुकानें ऐसी है, जो अपना साल 2023-24 का रेवेन्यू टारगेट (गारंटी) भी पूरा नहीं कर पा रही। इससे सरकार को रेवेन्यू का भी नुकसान हो रहा है। इसे देखते हुए विभाग ने अब इस टारगेट की राशि को भी जून तक जमा करवाने की छूट दी है। इस राशि को जमा करवाने के लिए दुकानदार या तो शराब का उठाव कर सकते है या नकद राशि जमा करवा सकते है।
