लग्जरी कार में सर्विस के बहाने GPS लगाकर चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले चढ़े पुलिस के हत्थे
लक्जरी गाड़ियां चुराने के लिए पहले तो सर्विस सेंटर खोला। वहां गाड़ियों की धुलाई करते और इसी दौरान उस गाड़ी की चाबी को दिल्ली से लाए इलेक्ट्रॉनिक मशीन से कॉपी कर लेते थे। यहीं नहीं उस गाड़ी में जीपीएस लगा देते थे और बाद में उस पर निगरानी रखते थे। जैसे ही मौका मिलता गाड़ी ले भागते।
उदयपुर में दो शातिर बदमाशों के इस खेल का उदयपुर पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने एक मामले की जांच के दौरान दो आरोपियों को उदयपुर-पिंडवाड़ा हाइवे पर पकड़ा। पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ। जालोर जिले के इन बदमाशों से चोरी की गई तीन गाड़ियां भी जब्त की। पुलिस को यह भी पता चला कि इन्होंसे ऐसे कुल 31 गाड़ियों की चॉबी को कॉपी कर उनमें जीपीएस लगा दिया।
उदयपुर के एडिशन एसपी शहर उमेश ओझा ने सुखेर थाने में आज शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि एसपी योगेश गोयल ने ऐसा मामला सामने आने पर त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए जिस पर डिप्टी चांदमल सिंगारिया के सुपरविजन में सुखेर थानाधिकारी हिमांशुसिंह राजावत के निर्देशन मे एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
बदमाश स्कॉर्पियो गाड़ी में थे हाइवे पर
एएसपी ओझा ने बताया कि टीम द्वारा तकनीकी एवं मुखबीरों के माध्यम से खोजबीन प्रारम्भ की तो महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। इसके तहत उदयपुर शहर मे एक सिल्वर रंग की टीएन 19 एए 1105 की स्कॉर्पियो गाड़ी मे दो व्यक्ति घूम रहे है जिनकी गतिविधिया संदिग्ध लगी और उनको एनएच 27 पर देखा गया। पुलिस की टीम ने एनएच 27 पर पहुंच मुखबीर के बताए हुलिए के अनुसार तलाश की गई तो बताए हुलिए की एक स्कॉर्पियो गाड़ी में दो व्यक्ति दिखाई दिए।
बदमाश जालोर जिले के
पुलिस टीम ने पूछताछ की तो चालक ने अपना नाम जालोर के बापु नगर कॉलानी बडी पोल के बाहर निवासी लतीफ खान उर्फ हरिश चौधरी (30) पुत्र इम्तियाज खान तथा दूसरे ने अपना नाम भीनमाल के रेबारियों की ढाणी आतमनावास निवासी विक्रम कुमार (24) पुत्र विराराम सुथार बताया।
स्कॉर्पियोमें ही गाड़ियों की चाबी और स्टूमेंट मशीन थी
ओझा ने बताया कि दोनों की सदिग्धता और विरोधाभास को देखते हुए अग्रिम पुछताछ करने पर संतोषप्रद जबाव नहीं मिलने पर गाड़ी के अन्दर देखने पर गाडी के अन्दर विभिन्न कार कम्पनी की चाबी व एक स्टूमेंट मशीन एवं केबले पड़ी हुई थी। गाडी के अन्दर पडी विभिन्न कार कम्पनी की चाबी व स्टूमेंट मशीन के बारे मे पूछने पर दोनो गाड़ी छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने गाड़ी के साथ दोनों को थाने लेकर आए।
ऐसे करते थे लक्जरी गाड़ियों की चोरी
एएसपी ओझा ने बताया कि आरोपियों ने चोरी के नए तरीके का प्लान बनाकर सबसे पहले उदयपुर शहर के आयड़ पुलिया के पास लेकसिटी मॉल में एक एक्सेस डिटेलिंग नाम से वांशिग एवं सर्विस सेन्टर खोला जिसमें मॉल घुमने आने वाले लोगों की गाड़ी धुलाई के नाम पर अपने सेन्टर पर ले जाते।
धुलाई के बहाने गाड़ी का पूरा डाटा स्कैन कर लेते थे
उन्होंने बताया कि गाडी की सफाई के साथ-साथ वे नई दिल्ली से लाए वाहन के इलेक्ट्रॉनिक मैकनिजैयम ब्रेक करने की मशीन से धुलाई के बहाने वाहन के अन्दर उक्त मशाीन को लगाकर उसका सम्पूर्ण डाटा स्कैन कर लेते थे। ये मशीन 5.50 लाख में खरीद कर लाए थे।
लगा देते जीपीएस जो दस दिन चलता था
एएसपी ने बताया कि उसके बाद में उस गाड़ी में खुद का जीपीएस लगा देते जो चार्जबल तथा उच्च क्षमता का होकर 10 दिन तक उसका बैट्ररी बैकअप रहता था। उसको लगाने के बाद गाड़ी वाहन स्वामी को सुपुर्द कर देते थे। स्कैनर मशीन से किए गए डाटा से उक्त गाड़ी की इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से चाबी को कॉपी कर एक नई चाबी बनाई जाती थी। इसके बाद ये बदमाश उस गाड़ी पर उसमें लगे जीपीएस को ट्रेक करते हुए पूरी निगरानी रखते थे और जैसे ही मौका मिलता गाड़ी चूरा लेते थे।
गाड़ियों को तस्करों को देने वाले थे
उन्होंने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि चुराए गए वाहनों को अपने निवास स्थान भीनमाल और आगे सांचौर के आस पास अफीम, डोडा चुरा तस्करों को अवैध मादक पदार्थो के परिवहन करने वालों को देने वाले थे, इस संभावना की भी पूरी जांच की जा रही है।
ऐसे पुलिस तक पहुंचा मामला
थानाधिकारी हिमांशु सिंह ने बताया कि 25 फरवरी निर्मल पुरोहित ने सुखेर थाने में रिपेार्ट देकर बताया कि 24 की रात को वे ब्रेजा कार परिम पार्क रिसोर्ट में पार्किग में रखकर अंदर गए खाना खाकर निकल कर आए तब गाड़ी उस जगह से गायब थी।
इन गाड़ियों में जीपीएस लगा जो चोरी होने से बची
ओझा ने बताया कि 31 गाड़ियों में जीपीएस लगा था। इनमें से तीन जब्त कर ली गई और बाकी गाड़ियां चोरी होने से बच गई। उन्होंने बताया कि गाड़ी नंबर RJ30, CA9317, RJ 12 CB 5759, RJ 27 CH 9596, RJ 20 CH 5218, RJ 27 CJ 7470, RJ 27 CG 2028, RJ 27 CL 6774, RJ 27 UG 0022, JH 01 DS 3852, RJ 16 UB 3133, GJ 01 WM 0302, RJ 14 GL 2334, RJ 27 CL 8308, RJ 36 CA 5702, RJ 27 CE 7035, RJ 09 UB 8111, RJ 46 UA 2415, RJ 46 UA 2415, RJ 46 CA 2961, RJ 30 CA 5602, GJ 34 H 1844, GJ 27 AP 8813,, RJ 40 CA 4633, GJ 01WC 9182, GJ 06 PB 6136, RJ 02 UB 0874, RJ 22 UA 6064,, RJ 24 CA 6082, MH 09 EG 4050, MH 48 P9250, RJ 30 CA 5602 चोरी होने से बच गई।
