उदयपुर में सरकारी अस्पताल से 1 साल की बच्ची गायब,मां के पास वार्ड के बाहर सो रही थी मासूम,उठा ले गई महिला
उदयपुर के महाराणा भूपाल (MB) हॉस्पिटल से एक महिला 13 महीने की बच्ची को उठा ले गई। सुबह जब मां ने बरामदे में देखा तो बच्ची वहां नहीं थी। मामला शहर के हाथी पोल थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह साढ़े तीन से चार बजे का बताया जा रहा है।
बच्ची को परिजन काफी देर तक ढूंढते रहे। जब वह नहीं मिली तो सुबह 6 बजे हॉस्पिटल की पुलिस चौकी पहुंचे और घटना की जानकारी दी। पुलिस ने जब हॉस्पिटल के सीसीटीवी खंगाले तो एक महिला बच्ची को कपड़े में छुपाकर ले जाते हुए दिखी। इस घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है।
भाई के लिए भोपाल से आई थी बहन, 10 दिनों से थी अस्पताल में
थानाधिकारी आदर्श कुमार ने बताया कि भोपाल (एमपी) निवासी हीना परिहार (30) ने बताया कि उसका भाई दीपक राज परिहार राजसमंद के कांकरोली का रहने वाला है और कार मैकेनिक है। पेट में परेशानी के चलते 10 दिन पहले ऑपरेशन हुआ था और शुक्रवार को ही उसे आईसीयू से जनरल सर्जिकल वार्ड में शिफ्ट किया गया था। भाई के ऑपरेशन की सूचना मिलने पर वह भी 10 दिन पहले 13 महीने की बेटी अभियंशी को साथ लेकर उदयपुर आ गई थी।
हीना ने बताया कि वह भी भाई की देखरेख के लिए रात में अस्पताल में रुकती है। शुक्रवार रात को वह बेटी को लेकर वार्ड के बाहर बरामदे में सो गई थी। शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे जब उसकी आंख खुली को पास में बेटी नहीं थी।
हीना के जीजा देवेंद्र कुमार ने बताया कि अभियंशी के गायब होने पर जब हम ढूंढ रहे थे तो वहीं वार्ड के बरामदे में सो रहे एक बुजुर्ग ने बताया कि अल सुबह एक महिला आई और वह बच्ची के पास गिर गई। उसे पूछा क्या हुआ तो बोली तबीयत खराब है और वहीं सो गई। बुजुर्ग ने बताया कि उसने अपना चेहरा ढक रखा था और कुछ देर बाद वह वहां से चली गई।
महिला बोली दो घंटे में मेरी बेटी ले गई
महिला ने बताया कि उसकी साढ़े तीन बजे आंख खुली तो बेटी उसके पास थी। इसके बाद जब साढ़े पांच बजे दोबारा जगी तो बेटी नहीं थी। इसके बाद आस-पास में उसे ढूंढा, लेकिन नहीं मिली। इसके बाद थाने पहुंचे और शिकायत दी।
पुलिस के पहुंचने पर जब सीसीटीवी देखा तो एक महिला बेटी को जाते हुए दिखी। ये महिला कपड़े में लपेट बच्ची को ले जा रही है और उसका खुद का चेहरा भी ढका हुआ है ताकि कोई पहचान नहीं सके। हीना ने बताया कि उसके पति भोपाल में ही सैलून में जॉब करते हैं, वे भी उदयपुर में ही थे और बड़ी बेटी को भोपाल छोड़कर आए थे।
