निरिक्षण करने जलदाय विभाग पहुंचे जिला कलेक्टर,नहीं मिले 12 कर्मचारी , विभागीय अधिकारी बोले अवकाश पर है लेकिन सूचना किसी ने नही दी
उदयपुर के कलेक्टर और अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) ने जलदाय विभाग के अलग-अलग कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान ड्यूटी टाइम पर 12 कर्मचारी अपनी कुर्सी पर नहीं मिले। ये कार्मिक आए ही नहीं। बाद में यह बताया गया कि वे अवकाश पर हैं। कलेक्टर ने कहा छुट्टी की ऐप्लीकेशन दिखाएं तो बताया गया कि ऐप्लीकेशन किसी ने नहीं दी है।
जिला कलेक्टर अरविंद पोसवाल और अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन शैलेश सुराणा ने बुधवार सुबह जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार एक्शन लेने को कहा।
दोनों अधिकारी पटेल सर्कल स्थित जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने परिसर स्थिति अतिरिक्त मुख्य अभियंता कार्यालय, अधीक्षण अभियंता कार्यालय, अधिशासी अभियंता शहर प्रथम, अधिशासी अभियंता जिला ग्रामीण, सहायक अभियंता बड़गांव, कनिष्ठ अभियंता बड़गांव, सहायक अभियंता गिर्वा आदि विभागीय दफ्तरों का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने उपस्थिति पंजिकाएं जांची। कई अधिकारी-कर्मचारी निरीक्षण के दौरान मौजूद नहीं पाए गए, उनके संबंध में अतिरिक्त मुख्य अभियंता मोहनलाल सैनी व अधीक्षण अभियंता ललित कुमार नागौरी से जवाब-तलब किया। जिला कलक्टर ने कार्यालयों के विभिन्न सेक्शन का अवलोकन किया ।
ये नहीं मिले ड्यूटी पर
अतिरिक्त मुख्य अभियंता कार्यालय के कार्मिक अधिकारी हेमंत शुक्ला, अधीक्षण अभियंता कार्यालय से संस्थापन अधिकारी राखी गिरी, कनिष्ठ सहायक दक्षिता सिंह व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुंदरबाई, अधिशाषी अभियंता शहर-प्रथम कार्यालय से खण्डीय लेखाकार भानुप्रताप सैनी अनुपस्थित मिले।
इसी प्रकार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सचिन जैन व टांकू बाई, अधिशाषी अभियंता ग्रामीण कार्यालय से अधिशाषी अभियंता बन्नेसिंह, खण्डीय लेखाकार घनश्याम फुलवार व कनिष्ठ सहायक टैकचंद लौहार, सहायक अभियंता कार्यालय बड़गांव से वरिष्ठ सहायक विनोद कुमार गर्ग व कनिष्ठ अभियंता कार्यालय बड़गांव से कनिष्ठ अभियंता रूबी कुमारी अनुपस्थित पाए गए।
इनमें से अधिकांश अधिकारियों-कर्मचारियों का अवकाश पर होना पाया गया, लेकिन प्रार्थना पत्र नहीं पाए गए। जिला कलक्टर पोसवाल ने अतिरिक्त मुख्य अभियंता को संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर पालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
