संभागीय आयुक्त की DP लगाकर 10 हजार ठगे,सस्ता सामान बेचने के नाम पर कराया ऑनलाइन पेमेंट

ऑनलाइन ठगी में अब बदमाश आम आदमी ही नहीं बल्कि बड़े अधिकारियों को भी जरिया बनाकर ठगी करने लगे हैं। ऐसा एक मामला साइबर थाने में दर्ज हुआ है। जिसमें रिपोर्ट सांगानेर निवासी मोहन सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।

रिपोर्ट में प्रार्थी ने बताया कि 16 फरवरी को सुबह 10 बजे बांसवाड़ा संभागीय आयुक्त नीरज के पवन की फर्जी आईडी से मैसेज आया, जिसमें बदमाश ने मोबाइल नम्बर मांगा। इसके बाद प्रार्थी के मोबाइल पर 9078672431 नंबर से मैसेज आया।

इसमें भी डीपी संभागीय आयुक्त नीरज के पवन की लगी हुई मिली। प्रार्थी के पास संभागीय आयुक्त का नंबर नहीं था इसलिए उसे यह नहीं लगा कि यह फर्जी नम्बर है। प्रार्थी को लगा कि वो एनजीओ के कार्यक्रमों में तीन से चार बार संभागीय आयुक्त से मिल चुका हैं, इसलिए उन्हें परिचय है।

ठग ने मैसेज किया कि उनका मित्र है जो सीआरपीएफ में ऑफिसर है और उसका ट्रांसफर हो चुका है। इसलिए वो घरेलू सामान सस्ते दामों में बेचना चाहता है। प्रार्थी ने इस बात पर भरोसा कर लिया। कुछ देर बाद प्रार्थी के पास दूसरे नम्बर से मैसेज आया जिसमें बताया कि वो संतोष कुमार है और सीआरपीएफ में सिक्योरिटी ऑफिसर है।

ठग ने इसके लिए प्रार्थी से 10 हजार रुपए बैंक अकाउंट में डालने का कहा। यह बैंक अकाउंट किसी विकास यादव के नाम का था, प्रार्थी ने उस अकाउंट में पैसे जमा करा दिए। लेकिन पैसे भेजने के बाद प्रार्थी को आभास हुआ की कुछ तो धोखा हो रहा है।

इसे देखते हुए प्रार्थी ने वकील से संपर्क किया तब पता चला कि ऑनलाइन फ्रॉड हुआ है। अभी भी ठग मैसेज के माध्यम से संपर्क में है। प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्यवाही की मांग की है।

0
0

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

error: Content is protected !!