उदयपुर पुलिस ने समय पर नहीं दर्ज की एफआईआर : विधानसभा में शहर विधायक ने उठाया बडगांव डबल मर्डर का मामला, बोले -जनता ने राज बदला, हमे व्यवस्था बदलनी होगी
राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने कहा कि अभी 24 जनवरी को उदयपुर में जमीन विवाद को लेकर एक घटना हुई, जिसमें पुलिस की लापरवाही रही।
जैन ने कहा कि बड़गांव में हुए डबल मर्डर के मामले से पहले विधवा ने पुलिस को रिपोर्ट दी लेकिन पुलिस ने समय पर मामला दर्ज नहीं किया। बाद में देरी से मामला दर्ज किया। इस मामले में विधवा महिला के बेटे और एक अन्य की हत्या कर दी गई। जैन ने कहा कि राजस्थान में जनता ने राज तो बदल दिया लेकिन हमें यानि सरकार को अब व्यवस्था बदलनी होगी।
जैन ने कहा कि उदयपुर में धार्मिक पर्यटन सर्किट बनाया जाए ताकि पर्यटन के साथ-साथ आम आदमी की आय भी बढ़े। उन्होंने कहा कि एकलिंगजी, सास-बहू मंदिर, उबेश्वरजी महादेव, नाथद्वारा, कमलनाथ, जगत माताजी के मंदिरों को जोड़ने के लिए पर्यटन सर्किट बनाया जाए। उन्होंने विधानासभा में कन्हैयालाल साहू हत्याकांड का मामला भी रखते हुए कहा कि शांत शहर में पूर्ववर्ती सरकार की तुष्टिकरण की नीतियां इस हत्याकांड का कारण रहीं।
सलूंबर विधायक बोले : कि तहसील अब 20 किमी दूर हो गई
सलूंबर तहसील के करीब दो किलोमीटर नजदीक के पांच पटवार मंडलों को झल्लारा तहसील में शिफ्ट कर दिया जो अब करीब 20 से 25 किलोमीटर दूर हो गया है। पूर्व कांग्रेस के सरकार के आनन-फानन में लिए फैसले से आज जनता परेशान हो रही है।
यह बात मुद्दा आज विधानसभा में सलूंबर विधायक अमृतलाल मीणा ने नियम 295 के तहत बोलते हुए उठाया। मीणा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने झल्लारा तहसील का सृजन आनन-फानन में किया। इसमें पटवार मंडल देवगांव, खोलड़ी, बनोड़ा, मोरिला और मालपुर को सलूंबर से झल्लारा में शिफ्ट कर दिया।
मीणा ने कहा कि इन गांवों की सीमाएं तहसील सलूंबर से दो से तीन किमी दूरी पर है जबकि झल्लारा के लिए करीब 20 से 25 किमी का सफर करना पड़ता है। लोगों को पहले सलूंबर नगर आना पड़ता है और फिर आगे झल्लारा जाना होता है।
इस क्षेत्र में आवागमन के साधनों का अभाव है और इन गांवों की जनता यहीं चाहती है कि ये पटवार मंडल सलूंबर तहसील के अधीन ही हो। इसके लिए उस समय इस क्षेत्र के लोगों ने आंदोलन भी किया, प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन तक दिए लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मीणा ने विधानसभा में कहा कि इन पटवार मंडलों को सलूंबर तहसील में शामिल किया जाए।
जहां टीएसपी जनसंख्या उनको टीएसपी में जोड़े
इधर, वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी ने नियम 295 के तहत बोलते हुए कहा कि भींडर और वल्लभनगर क्षेत्र में टीएसपी की अस्सी से नब्बे प्रतिशत की जनसंख्या वाले राजस्व गांवों को टीएसपी में जोड़ा जाए। उन्होंने सदन में कहा कि इसके लिए सर्वे कराया जाए और गांवों को टीएसपी में शामिल किया जाए।
