वर्तमान युग में अपने विचार एवं तथ्यों को जोड़कर उनके संकलन से ठोस आधार तैयार करें वही विजेता कहलाता है-प्रो. कर्नल शिव सिंह सारंगदेवोत

सलूम्बर जिला ब्यूरो चीफ,नितेश पटेल । शिक्षा का अर्थ केवल जानकारी प्राप्त करना ही नहीं है अपितु जो निरंतर विकासरत है, वहीं भावी पीढ़ी के विकास के लिए नींव का निर्माण करता है-प्रो. सारंगदेवोत

अपने विचारों की अभिव्यक्ति दृढ़ता पूर्वक प्रस्तुत करने के लिए सारगर्भित एवं तथ्यों का समुचित संकलन अत्यंत आवश्यक है।

भूपाल नोबल्स स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राव बहादुर ठाकुर राज सिंह बेदला स्मृति अखिल राजस्थान हिंदी वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। राज्य स्तरीय इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय चेयरपर्सन कर्नल प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वह निश्चित समय सीमा में संकलित तथ्यों एवं निरंतर हो रहे परिवर्तनों को आत्मसात करते हुए अपनी अभिव्यक्ति को सभी के साथ दृढ़ता पूर्वक साझा करें। वर्तमान में जो परिस्थितियों उत्पन्न हो रही है उसके लिए सभी को तैयार रहना होगा। वही विजेता होगा जो समय की गति को पहचान सके।वैश्वीकरण के इस दौर में अपनी जड़ों को तो मजबूत करना ही है साथ ही नयी जानकारी एवं परिवर्तनों को भी महत्वपूर्ण स्थान देना होगा तथा समय के साथ चलकर ही हम विश्व के साथ कदम से कदम मिला पाएंगे। विश्वविद्यालय अध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह राठौड़ एवं कुलसचिव श्रीमान मोहब्बत सिंह जी ने सभी प्रतिभागियों को साधुवाद एव शुभकामनाएं देते हुए अपने संदेश में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को उपलब्ध मंच का संपूर्ण उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।विज्ञान संकाय अधिष्ठाता डॉ. रेणू राठौड़ ने राव बहादुर ठाकुर राजसिंह के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे तपोनिष्ठ एवं प्रज्ञा पुरुष ही इतिहास बना सकते हैं एवं वर्तमान समय में वैसा व्यक्तित्व मिलना बहुत मुश्किल है। कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को एक मंच उपलब्ध करवाना है जिस पर वह अपनी अभिव्यक्ति को सभी के समक्ष बिना संकोच के रख सके। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के संयुक्त मंत्री राजेंद्र सिंह झाला, श्रीमान भानु प्रताप सिंह,मंत्री ओल्ड बॉयज एसोसिएशन सहित अन्य पदाधिकारी एवं अधिष्ठाता कला संकाय डॉ. प्रेम सिंह रावलोत सह अधिष्ठाता विज्ञान संकाय डॉ. रितु तोमर, डॉ. संगीता राठौड़ डॉ. कमल सिंह राठौड़ सहित अन्य संकायों के अधिष्ठाता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम संयोजक डॉ. चंद्ररेखा शर्मा ने प्रतियोगिता के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि आज के आयोजन में विभिन्न महाविद्यालय से आए हुए 40 प्रतिभागियों ने पक्ष एवं विपक्ष पर बोलते हुए पूर्ण युवा जोश एवं ऊर्जा के साथ अपने विचारों को सभी के सम्मुख प्रस्तुत किया। सभी प्रतिभागियों ने वैश्वीकरण की नई परिभाषा बताते हुए उसके सकारात्मक एवं नकारात्मक प्रभावों पर दृष्टि डालते हुए वर्तमान संदर्भ में उपयोगिता एवं प्रासंगिकता पर अपनी अभिव्यक्ति प्रस्तुत की। इस प्रतियोगिता में चल वैजयंती का विजेता महाविद्यालय “द स्कॉलर एरीना गर्ल्स कॉलेज, उदयपुर” रहा तथा प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹5000 रिनल जैन, भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय फैकेल्टी आफ फार्मेसी, द्वितीय पुरस्कार के रूप में ₹4000 विदुषी जैन, द स्कॉलर एरीना गर्ल्स कॉलेज तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में ₹3000 लक्षिता पुरोहित,नाथद्वारा इंस्टीट्यूट आफ बायोटेक्नोलॉजी कॉलेज ने प्राप्त किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. लक्ष्मी लाल बैरागी, डॉ. सागर सांवरिया एवं डॉ. रेखा पंचोली उपस्थित रहे तथा सभी ने उक्त प्रतियोगिता के विषय के संबंध में अपने विचारों को भी सभी के सम्मुख रखा। प्रतियोगिता का संपूर्ण संचालन डॉ. प्रवीण राठौड़ एवं डॉ.मनीषा शेखावत द्वारा अत्यंत रुचि पूर्ण एवं सराहनीय रूप से किया गया।

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