मेनार में प्राचीन ठाकुरजी को पौष अमावस्या पर धराया छप्पन भोग, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
म्हारा चारभुजा रा नाथ, म्हारा मेनार रा श्याम, मांगू जो तो सगळो दीजो, जोडूं दोनो हाथ….. भजनों पर थिरके श्रद्धालु
बांसडा,कन्हैयालाल मेनारिया । मेहतागढ़ मेनार कस्बे के ओंकारेश्वर चौक स्थित प्रसिद्ध प्राचीन ठाकुर जी मन्दिर में गुरुवार को पौष अमावस्या पर ठाकुरजी के जयकारो के बीच सामुहिक छप्पन भोग मनोरथ का आयोजन हुआ, जिसके सैकड़ो श्रद्धालु इसके साक्षी बने। इस दौरान पुजारी प्रकाश वैष्णव द्वारा स्वर्ण आभूषणों से सुशोभित ठाकुर जी को पिछवई नाथद्वारा से एवं मंडफिया, साँवलिया जी से मंगवाई हुई विशेष पोशाक (वागा) तथा इंदौर से आये दिव्य गुलाब फूल ठाकुरजी को धराये और मोगरा, कश्मीरी गुलाब एवं गेंदा के फूलों से ठाकुरजी का खाटूश्यामजी की तर्ज़ पर आकर्षक श्रृंगार किया गया। तत्पश्चात ठाकुरजी को छप्पन भोग धराया गया।
वही छप्पन भोग मनोरथ महोत्सव के दौरान दिन भर श्रद्धालुओं का मंदिर में तांता लगा रहा तथा ग्रामीणों द्वारा पूरे मंदिर को फूलों एवं दुधिया रोशनियों से सजाया गया। शाम 5 बजे ठाकुर जी को छप्पन भोग धराया गया। इससे पूर्व मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण भक्तो ने श्रीकृष्ण के भजन संध्या में मीठी मीठी बांस की मुरलिया पे घणो इतरावे, म्हारा चारभुजा रा नाथ, म्हारा मेनार रा श्याम, मांगू जो तो सगळो दीजो, जोडूं दोनो हाथ, बन्नो मारो चारभुजा रो नाथ, बन्नी मारी तुलसा लाडली, फूलडा ले आवो माली का, म्हारा मेनार आवेला भगवान, आवेला भगवान, म्हारा मेनार आवेला भगवान, सावली सूरत पे…….करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है भजनों की प्रस्तुतियां दी गयी, तो श्रद्धालु भजनों पर खूब थिरके। महिलाओं ने मंगल गीत गाए। तत्पश्चात ठाकुर जी की भव्य महाआरती की गई।
महाआरती उपरांत भक्तों ने भोग के दर्शन किये। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला पुरुष मौजूद रहे। वही आरती के बाद प्रसाद श्रद्धालुओं में बांटा गया।
