महाराणा प्रताप स्मारक समिति चावंड के ब्रांड एम्बेसडर बने दिलीप पटेल सिरोही
उदयपुर,दिनेश कलाल । वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के स्मारक स्थल,महलों के खंडहर एवं समाधि स्थल को पर्यटकीय दृष्टिकोण से विकसित करने एवं महत्वपूर्ण बनाने हेतु माउंट आबू के ब्रांड प्रमोटर, सिरोही जिले के ब्रांड एंबेसडर, फिल्म मेकर श्रीमान दिलीप जी पटेल सिरोही को महाराणा प्रताप स्मारक समिति चावंड का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है
दिलीप पटेल ने देश धर्म हित के लिए कई कार्य किए है जिसे देखते हुए महाराणा प्रताप स्मारक समिति चावंड ने महाराणा प्रताप के ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन दृष्टिकोण से बढ़ावा देने और एक नई पहचान दिलाने के लिए दिलीप पटेल को ब्रांड एंबेसडर के पद पर नियुक्त किया है चावंड अपने आप में काफी ऐतिहासिक धरोहर है जिसे पर्यटन के दृष्टिकोण से सबके समक्ष रखने का कार्य अब से दिलीप पटेल सिरोही करेंगे
ब्रांड एंबेसडर महाराणा प्रताप स्मारक समिति,चावंड – दिलीप पटेल सिरोही
देश धर्म की धरोहरों के लिए मेरे द्वारा हर संभव प्रयास किया जाएगा और युवाओं के प्रेरणास्त्रोत वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की युवाओं और देश के सभी लोगो के बीच बनी उनकी अविश्वसनीय छवि को फिर से सबके सामने रखेंगे जिससे उनके स्मारको और धरोहरों को नई पहचान मिल सके और साथ ही इस खुशी के पल में खुद को गौरांवित महसूस कर रहा हूं।
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की निर्वाण स्थली चावंड मेवाड़ की तीसरी राजधानी के रूप में इतिहास में दर्ज है
महाराणा प्रताप ने हल्दीघाटी युद्ध के पश्चात सन 1585 ईस्वी में चावंड स्थित महलों में लगभग 12 वर्ष तक निवास कर मेवाड़ को मुगल सेनाओं से स्वतंत्र करा 19 जनवरी 1597 ईस्वी में चावंड स्थित महलों में अपनी देह त्यागी
चावंड वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की निर्वाण स्थली,कर्मस्थली एवं गर्वस्थली के रूप में विख्यात है
सन 1972 में क्षेत्र वासियों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया के मार्गदर्शन में महाराणा प्रताप स्मारक समिति का गठन किया लगभग 6 वर्षों में ही 1976 में भव्य महाराणा प्रताप स्मारक स्थल का निर्माण कर उद्घाटित किया गया ।
सन 1996 में राष्ट्रीय स्वयं संघ के प्रचारक सोहन सिंह जी की प्रेरणा से तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत ने महाराणा भूपाल सिंह जी द्वारा निर्मित समाधि स्थल बडोली के चारों ओर गार्डन, छत्रिया एवं तालाब के ऊपर पुल का निर्माण कराया जिसका उद्घाटन 1997 में पूर्व प्रधानमंत्री के रूप में अटल बिहारी वाजपेई ने किया
महाराणा प्रताप के महलों के खंडहर सन 2004 से पुरातत्व विभाग के अधीन है
1972 से लेकर समिति आज दिन तक कार्य कर रही है
तितरडी स्थित कुशाल बाग पैलेस में समारोह पूर्वक श्री पटेल को नियुक्ति पत्र सोपा गया
इस मौके पर महाराणा प्रताप स्मारक समिति के प्रमुख भामाशाह राजेंद्र सिंह तितरडी, आजीवन सदस्य ईश्वर टेलर, अध्यक्ष भगवती प्रसाद आमेटा,कोषाध्यक्ष ख्याली जैन, प्रचार प्रचार मंत्री भानु प्रताप सिंह कृष्णावत, दिनेश झडोला,सदस्य सी पी साहू मौजूद थे !
