श्री भैरुनाथ सोसायटी, मेनार के 13 सदस्यीय दल पहुँचा, तनोट माता, भारत पाक बॉर्डर, जाना देश की रक्षा करने वालो जवानों कहानी
बांसडा,कन्हेयालाल मेनारिया । श्री भैरुनाथ सोसायटी, मेनार द्वारा जैसलमेर सीमा क्षेत्र में निवास कर रही आबादी और वहां के ग्राम्य जीवन से लेकर बॉर्डर पर तैनात सुरक्षा बलों के साहस और जज्बे से युवा पीढ़ी को परिचित कराने के लिए 13 सदस्यीय दल बुधवार को जैसलमेर पहुंचा। सोसायटी के मनोहरलाल, जसवंत, धनलाल मेनारिया ने बताया कि बुधवार सुबह 10 बजे सोसायटी के सदस्य तनोट माता पहुँचे, जहाँ माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। यात्रा संयोजक भेरुलाल मेनारिया ने बताया कि यात्रा का सफर भले ही कठिन रहा हो, लेकिन तनोट माता मंदिर में भारत-पाक युद्ध के दौरान गिराये जीवित बम देखकर देश की सुरक्षा में तैनात जवानों और मां के आशीर्वाद के प्रति विश्वास और श्रद्धा बढ़ गई है।
तनोट माता से दल भारत पाकिस्तान बॉर्डर बबलियोन पहुँचा, जहाँ सीमा पर किस तरह जवान देश की रक्षा कर रहे है, तथा दोनों देशों के बीच किस तरह आदान प्रदान होता है, के बारे में जाना। वहाँ से दर्शन यात्रियों का जत्था ऐतिहासिक युद्ध की जीवंत कहानी बयां कर रहे लोंगेवाला पोस्ट पर पहुंचे। सदस्य वहां तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवानों से मिलकर 1971 के भारत-पाक युद्ध की स्मृतियों में खो गए और थोडी ही देर में लोंगेवाला पोस्ट भारत माता की जय के उद्घोष से गूँजने लगा।
उसके बाद दल कुलधरा पहुंचा। एक रात में खाली हुए 84 गांवा के जीवित दर्शन करने के बाद यात्रा दल अचंभित रह गया। वहां पुरा अवशेषों के संबंध में यात्रा के सहभागियों ने गहनता से अध्ययन किया। कुलधरा में उपस्थित देश-विदेश से आये पर्यटकों से भी संवाद स्थापित किया। उन्होंने आसपास की खड़ीन खेती में कार्यरत किसानों से भी मुलाकत की है। शुक्रवार को पर्यटन नगर जैसलमेर के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। दल में शारिरिक शिक्षक जसवंत, मनोहरलाल, धनलाल, संजय, भेरुलाल, भीमलाल, नर्बदाशंकर, बालमुकुंद, अशोक, चंद्रकांत, कमलेश, प्रेमशंकर एवं अधिवक्ता सुरेश चंद्र मेनारिया शामिल है।
