गिर्वा प्रधान और उपप्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश : दोनों की कार्यप्रणाली के प्रति नाराजगी जताकर किया पेश,
पूर्व कांग्रेस विधायक व वर्तमान में गिर्वा पंचायत समिति की प्रधान सज्जन कटारा और उपप्रधान प्रियंका कुंवर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया है। इस संबंध में 11 पंचायत समिति सदस्य जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कीर्ति राठौड़ से मिले।
सदस्यों ने उन्हें प्रधान कटारा व उपप्रधान की कार्यप्रणाली के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। वहीं, दूसरी तरफ ये चर्चा भी तेज है कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद इस तरह का रोष उभरकर सामने आ रहा है।
सीईओ कीर्ति राठौड़ ने बताया कि सदस्यों ने मुझे अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है जिसके तहत जल्द ही गिर्वा पंचायत समिति सदस्यों की मीटिंग बुलाई जाएगी। जिसमें मेरे अलावा जिला प्रमुख, तहसीलदार आदि भी मीटिंग में मौजूद रहेंगे। पंचायतीराज नियम के अनुसार ही इसी मीटिंग में अविश्वास प्रस्ताव पारित किए जाने की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।
वर्तमान में कुल 29 में से 18 सदस्य कांग्रेस और 11 बीजेपी के
गिर्वा पंचायत समिति में कांग्रेस का बोर्ड बने करीब 3 साल हुए हैं। यहां कुल 29 सदस्य हैं। जिनमें से 18 सदस्य कांग्रेस और 11 सदस्य बीजेपी के हैं। नियमानुसार कम से कम 10 लोग अविश्वास प्रस्ताव पेश कर सकते हैं और इसी नियम के तहत 11 सदस्यों ने सीईओ को इसे पेश किया है। वहीं सीईओ द्वारा जो अविश्वास प्रस्ताव पारित संबंधी जो मीटिंग बुलाई जाएगी।
उसमें इसे 3/4 सदस्यों द्वारा पारित करने का नियम है। यानी 22 सदस्यों की सहमति जरूरी है। बीजेपी के पास 11 सदस्य हैं ऐसे में कांग्रेस सदस्यों को तोड़कर गठजोड़ करने की कोशिश भी की जा रही है।
इधर, एमएलए बने मावली प्रधान डांगी ने सौंपा इस्तीफ
इधर, उदयपुर जिले के ही मावली प्रधान पुष्कर लाल डांगी ने जिला प्रमुख को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। डांगी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट से लड़ते हुए चुनाव जीकर एमएलए बन गए। ऐसे में इनके इस्तीफे के बाद अब प्रधान का चार्ज उपप्रधान को सौंपा जाएगा।
