मतदान के बाद उदयपुर के झाड़ोल विधानसभा में पत्थर से सिर कुचल कर भाजपा कार्यकर्ता की हत्या, दिनभर वोटर को पोलिंग बूथ तक लाने में लगा था !
उदयपुर में शनिवार देर रात भाजपा कार्यकर्ता की पत्थर से कुचल कर हत्या कर दी गई। सुबह जब वह घर नहीं लौटा तो बेटा ढूंढने निकला। बेटे को घर से 300 मीटर की दूरी पर सिर कुचली हुई लाश दिखाई दी। सिर और चेहरा इतनी बुरी तरह से कुचला गया था कि एकबारगी पहचानना मुश्किल था। बेटा कपड़ों से पहचान कर पाया। मामला फलासिया थाना क्षेत्र का है।
मतदान के दिन शनिवार को कांतिलाल (45) झाड़ोल से भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल खराड़ी के लिए वोटर को पोलिंग बूथ तक लाने के काम में जुटा था। हत्या की सूचना मिलते ही विधायक बाबूलाल खराड़ी स्थानीय नेताओं के साथ घटना स्थल पर पहुंचे।
फलासिया थानाधिकारी करनाराम ने बताया- कांतिलाल के बेटे सुनील चव्हाण ने पुलिस को इसकी सूचना दी थी। देर रात किसी अज्ञात ने पत्थर से कुचल कर कांतिलाल की हत्या कर दी। शव का चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था। जबड़े पर भी बड़ी चोट के निशान थे। पूरे कपड़े खून से लथपथ थे। FSL टीम ने सबूत जुटाए हैं। फलासिया अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कपड़ों से पहचान पाया बेटा
कांतिलाल के बेटे सुनील ने बताया- पिताजी खेती करते थे। शनिवार को मतदान था तो सुबह से ही चुनावी कार्य में लगे थे। मेरी माताजी भी गांव से बाहर झाड़ोल गई हुई थीं। जब रात को पिताजी घर नहीं आए तो हमने सोचा कि शायद कहीं रुक गए होंगे। जब मैं रविवार सुबह उठा और वे नहीं दिखे तो उन्हें ढूंढने निकला। सुबह करीब 7 बजे घर से थोड़ी ही दूरी पर नाले के पास मुझे औंधे मुंह गिरे हुए दिखाई दिए। नजदीक पहुंचा तो मेरी धड़कनें बढ़ गईं। उनके कपड़ों पर खून लगा था। जैसे ही मैंने उनको पलटा तो मुंह देखकर मेरी चीख निकल गई। पूरा मुंह कुचला हुआ था। दांत भी बाहर निकल आए थे। जबड़ा फटा हुआ था। मैंने कपड़ों से पहचान की। पुलिस से गुजारिश है कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
सुनील अहमदाबाद में नौकरी करता है। मतदान के समय घर आया हुआ था। उसके 3 छोटे भाई हैं, जो गांव में ही पढ़ाई करते हैं। वहीं, एक बहन की शादी हो चुकी है।
घर-घर जाकर करते थे मतदान की अपील
फलासिया भाजपा मंडल अध्यक्ष भोपाल सिंह शक्तावत ने बताया- कांतिलाल बीते एक दशक से भाजपा के कर्मठ कार्यकर्ता रहे। वे घर-घर जाकर लोगों से मतदान करने की अपील करते थे। मतदान के दिन भी उन्होंने वाहन के जरिए लोगों को घर से मतदान केंद्र तक लाने का काम किया। शायद इसी कारण रंजिश के चलते किसी ने उनकी हत्या कर दी। पुलिस को मामले में सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए।
