बिन पेंदे का लोटा निकला प्रत्याशी, समर्थकों से किया विश्वासघात,पद व प्रलोभन के आगे सिद्धांत का महल हुआ धराशायी
बांसडा,कन्हैयालाल मेनारिया । उदयपुर जिले की मावली सीट से चुनाव लड़ने वाले निर्दलीय प्रत्याशी राजू पुरी गोस्वामी मैदान से हट गये है। जिसका मुख्य कारण पद और अन्य प्रलोभन है। वहीं उनके इस निर्णय से उनके सिद्धांत के महल तो धराशायी हुए ही है ,लेकिन गोस्वामी ने अपने समर्थकों के साथ भी विश्वासघात किया है! दर असल बात तह है कि मावली से भाजपा के कृष्ण गोपाल पालीवाल को टिकिट दे दिया गया! इससे आहत कुलदीप सिंह ने आर एल पी का दामन थाम लिया, तो वरिष्ठ कार्यकर्ता राजू गोस्वामी भी पालीवाल को टिकिट देने से नाराज होकर ही चुनाव मैदान में कूद गए! और गांव गांव जनसंपर्क सभाएं भी शुरू कर दी! इससे भाजपा के कान खड़े हो गए और किसी तरह का प्रलोभन देकर मनाने की कोशिश की गई तो , राजू पूरी गोस्वामी भी बिन पेंदे के लोटे की तरह लुढक गए और भाजपा प्रत्याशी के जी पालीवाल के चरण चूम बैठे तो अपना समर्थन भी पालीवाल को दे दिया! लेकिन हद तो तब हो गई कि गोस्वामी ने तत्काल ही मावली विधानसभा क्षेत्र भाजपा ओबीसी मोर्चा प्रभारी का पद भी स्वीकार कर लिया ! जिसकी घोषणा सभा के बाद राजू गोस्वामी के गांव आए भाजपा देहात अध्यक्ष चंद्रगुप्त सिंह चौहान ने खुद मीडिया के सामने की और भविष्य में भी गोस्वामी की काबिलियत का पार्टी में उपयोग करने का आश्वासन दिया, तो गोस्वामी भी फुटबाल की फुल उठे और बीजेपी को अपना समर्थन देने की घोषणा की! राजू गोस्वामी ने जो निर्णय किया यह उनका था, या किसी के दबाव की वजह से लिया! इस पर कुछ कहना बेमानी होगा। लेकिन यह तो साफ दिख रहा है कि गोस्वामी की ओर से नामांकन दाखिल करने के बाद जो कार्यकर्ता उनके साथ जुड़े और समर्थन दिया, प्रचार प्रसार करने लगे, उनके साथ गोस्वामी ने एक तरह से विश्वासघात ही किया है। इसमें कोई शक सुबहा नहीं है। यानि जो प्रत्याशी नामांकन के बाद सिद्धांत की बात कर रहा था वह पद और अन्य प्रलोभन के जाल में फंस कर दस दिन बाद ही बिन पेंदे का लोटा हो गया!
