जलझूलनी एकादशी पर्व को लेकर क्षेत्र में विभिन्न जगहों पर निकली रामरेवाड़ीया
जलझूलनी ग्यारस पर तारावट चारभुजा मंदिर परिसर में दो दिवसीय मेले का आयोजन हुआ शुरू
बाँसड़ा,कन्हैयालाल मेनारिया । उपखंड क्षेत्र वल्लभनगर में मेनार, रुण्डेड़ा, नवानिया, भटेवर, खरसान, बाठरड़ा खुर्द, विजयपुरा, धमानिया, तारावट, करणपुर, महाराज की खेड़ी सहित विभिन्न गांवों में जलझूलनी एकादशी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों से ठाकुरजी के बैवाण निकले। ठाकुरजी को सरोवर में स्नान करवाया गया। विभिन्न योग संयोगों के तहत मंदिरों में कई कार्यक्रम हुए। ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक, नवीन पोशाक धारण करवाने के साथ ही जलविहार करवाया करवाया गया।
मेनार में कृष्ण भगवान की प्रतिमा को गाजे बाजे के साथ ब्रह्म सागर में स्नान करवा पूजा, अर्चना की गई। जल से स्न्नान के बाद अम्बा माता मंदिर प्रांगण के यहां भजन कीर्तन हुए रामरेवाड़ी में बिराजित ठाकुरजी की आरती की गई। गांव में कई स्थानों पर रेवाडी पर पुष्पवर्षा की गई। महिलाओं ने मंगल गीत गाए। स्नान कराने के बाद पुनः रेवाड़ी ठाकुरजी मंदिर तक पहुँची, रेवाड़ी निकालते समय हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैयालाल के जयकारे लगे, तो पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
वही उपखंड क्षेत्र वल्लभनगर में जलझूलनी ग्यारस पर तारावट चारभुजा मंदिर परिसर में दो दिवसीय मेले के आयोजन हुआ। मंदिर के मुख्य उपासक दीपक पुजारी ने बताया कि मेले का आयोजन पूरे गांव की ओर से किया जा रहा हैं। सोमवार को भगवान चारभुजा नाथ के बाल रूप को सरोवर बेड़च नदी पर गाजे बाजे के साथ ले जाया गया और वहा पर ठाकुर जी को स्नान करवाने के बाद ठाकुर जी की सेवा पूजा आराधना की गयी तथा गाजियाबाद के साथ पुनः मंदिर लाया गया, गांव की महिलाओं ने ठाकुर जी को सूखे मेवा का भोग धराया।
मेले को लेकर चारभुजानाथ मंदिर परिसर में दुकान सज चुकी है, जिसमें मनिहारी, चूड़ी बंगड़ी की दुकानो सहित अन्य दुकाने सज गयी है तथा मनोरंजन के साधन चकरी, डॉलर आदि लगे हैं जिनका छोटे बच्चे एवं महिलाओ ने खरीददारी कर रही है। पहले दिन मेले काफी भीड़ रही।
जलझूलनी एकादशी पर इंटाली में विभिन्न मंदिरों से निकली राम रेवाड़ियां
ईंटाली गांव में विभिन्न मंदिरों से जलझूलनी एकादशी के अवसर पर राम रेवड़ियां निकाली गयी जिसमें श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर, श्री चारभुजा मंदिर सत्यनारायण मंदिर, हनुमान अखाड़ा, पटेलो के मंदिर प्रमुख रूप से हैं। इन स्थानों से राम रेवड़िया सदर बाजार पानी की कुई वाडीपुरा पंचायत भवन के रास्ते होते हुए सरोवर पहुंचे जहां पर भक्तगणों द्वारा भगवान को झुलाया गया, स्नान कराया। उसके बाद में आरती कर कर प्रसाद वितरण किया गया। वाद्य यंत्रों की धुन पर नाचते गाते भक्ति रस में डूबे हुए भक्तगण भजन कीर्तन करते हुए प्राथमिक विद्यालय रोड शिव घाटी चारभुजा मंदिर पटेलो की मंदिर होते हुए राम रेवड़ियां पुनः लक्ष्मी नारायण मंदिर अखाड़ा मंदिर पहुंची जहां पर महा आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर इंद्रदेव ने भी पानी बरसा कर भगवान को स्नान करवाकर स्वागत किया।
बाँसड़ा गांव में जलझूलनी एकादशी पर्व हर्षल्लास के साथ मनाया गया । गांव के श्री चारभुजा मंदिर , राधा कृष्ण मंदिर से राम रेवाड़ी प्रारंभ हुई । राधा कृष्ण मंदिर से होते हुए सरोवर पहुंची । ठाकुर जी का पंचामृत अभिषेक नवीन पोशाक धारण करने के साथ जलविहार करवाया गया यहां पर ठाकुर जी को स्नान कराकर पुनः रेवाड़ी ठाकुर जी मंदिर तक पहुंची रेवाड़ी निकलते समय हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल के जेकर लगता तो पूरा माहौल भक्ति मय हो गया राधा कृष्ण मंदिर एवं चारभुजा मंदिर पर पहुंचे एवं प्रसाद वितरण किया गया
