बिजली के पोल पर चिपकाए विज्ञापन, बिना अनुमति से अति शीघ्र हटाने के दिए निर्देश

विनोद कुमार रैगर 

रायपुर बिजली बोर्ड के पोल को अब विज्ञापनों के प्रचार पोल के नाम से जाना जाने लगा है। कारण है प्रशासन की सुस्ती और बिजली विभाग की बेबसी। बिजली विभाग खुद महसूस करता है कि बिजली बोर्ड के पोल पर लगे प्रचार बोर्ड लाइन को खराब करते हैं। इससे विभाग का लाखों का नुकसान होता है। लेकिन फिर भी बेबस विभाग कुछ भी करने में नाकाम साबित हो रहा है। हालांकि, सहायक अभियंता शत्रुघ्न काटिया ने कहा कि ऐसे प्रचार बोर्ड को तुरंत हटाया जाएगा।गौर हो कि शहर के किसी भी कोने में चले जाओ, बाजार में चले जाओ, शहर के हर बिजली बोर्ड के पोल पर स्कूलों, कॉलेजों, कंपनियों व राजनेताओं के विज्ञापनों का बोलबाला है। जब हमारी जागरण टीम द्वारा जब रायपुर का दौरा किया गया, तो पाया कि करीब करीब 200 से 350 विज्ञापन के बोर्ड बिजली बोर्ड के खंभों पर एक एक स्कूल, कालेज व राजनेताओं कंपनियों द्वारा लगाए गए हैं। इससे न सिर्फ नगर कौंसिल को आर्थिक तौर पर भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि बिजली बोर्ड को भी अकसर लाइन खराब की दिक्कत रहती है। कई बार तो लाइन खराब होने की स्थिति में बिजली बोर्ड को ठीक करने से पहले ऐसे बोर्डों को हटाने में भी घंटों लग जाते हैं, जिससे जनता को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऊपर से लोहे की पाइपों पर विज्ञापन लगे होने के कारण करंट लगने का खतरा हमेशा मंडराता रहता है, लेकिन प्रचार के भूखे लोग इस तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

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