बाल विवाह से आजादी के संकल्प के साथ गांव की सबसे बुजुर्ग महिला ने किया ध्वजारोहण
विनोद कुमार रेगर
उदयपुर -आजादी से मतलब सिर्फ राजनीतिक गुलामी से आजादी नहीं है सामाजिक कुरीतियों जैसे बाल विवाह,बाल श्रम,बाल यौन हिंसा को जड़ से खत्म करते हुए महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज की परीकल्पना को साकार करने की दिशा में नव निर्मित जिले सलूंबर के जनजाति अंचल सराडा पंचायत के ग्राम ढाणी मेलाना में इस वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस का विशेष आयोजन किया गया स्थानीय स्वयंसेवी संगठन गायत्री सेवा संस्थान एवम ग्रामवासियों ने मिलकर बाल विवाह मुक्त गांव का संकल्प लेते हुए पूरे गांव में “बाल विवाह से आजादी” के नारो के साथ रैली निकाली तथा गांव के मध्य सभी ने मिलकर स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाया इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान बाल आयोग, राजस्थान सरकार के पूर्व सदस्य एवम बाल अधिकार विशेषज्ञ डा.शैलेंद्र पंड्या ने ग्रामीणों की इस पहल की सहायता करते हुए गांव की सबसे बुजुर्ग महिला अमरी बाई मीणा का पगड़ी एवन उपरना पहनाकर सम्मान किया एवम उनके हाथो ध्वजारोहण को पूरे जिले का विशेष कार्यक्रम बताया डा.पंड्या ने ग्रामीणों को बालश्रम की हानियों से परिचित करवाते हुए बाल विवाह निषेध नियम की जानकारी दी इस अवसर गायत्री सेवा संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चेतन पांडे ने स्वतंत्रता दिवस एवम इसकी प्राप्ति हेतु स्वतंत्रता सेनानियो अथक प्रयास पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में समाज में व्याप्त बुराइयों से सामूहिक रूप से लड़ने का आह्वान किया सराडा पंचायत प्रभारी हिमांशु मीणा ने बताया की जनजाति क्षेत्र में शिक्षा से वंचित बच्चो को शिक्षा से जोड़ने हेतु सखियों की बाड़ी कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है कार्यक्रम में रतन प्रकाश मीणा भरत टेलर नितिन पालीवाल राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ट्रस्ट के निदेशक गोविंद जांगिड ने विचार व्यक्त किए स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार इस क्षेत्र में इस तरह का विशेष आयोजन करते हुए बाल विवाह से आजादी के नारे के साथ रैली निकाली गई उपस्थित ग्रामीणों ने बाल विवाह न करवाने और न ही बाल विवाह में सम्मिलित होने का संकल्प लिया कार्यक्रम का संचालन गायत्री सेवा संस्थान के सचिव सुभाष जोशी ने किया
