राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के बैनर तले विभिन्न शिक्षक समस्याओं के समाधान को लेकर संभागीय आयुक्त कार्यालय के बाहर सैकड़ों शिक्षकों ने दिया धरना
संभागीय आयुक्त से वार्ता के बाद संभाग के उच्च शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की तिथि तय होने पर ज्ञापन देकर खत्म किया धरना
संयुक्त निदेशक कार्यालय की कार्यशैली पर भड़के शिक्षक,कमिश्नर कार्यालय के बाहर मानव श्रृंखला बनाकर भी जताया आक्रोश
उदयपुर,कन्हैयालाल मेनारिया । राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश उपाध्यक्ष उदयपुर मंडल डॉ ऋषिन चौबीसा के नेतृत्व में आज उदयपुर संभाग के 6 जिलों के शिक्षकों ने शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं का समाधान लाने समय से नहीं किए जाने एवं संयुक्त निदेशक कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यशैली से तंग आकर संभागीय आयुक्त कार्यालय के बाहर प्रातः 11 से 4 बजे तक धरना दिया। धरना स्थल पर शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश अध्यक्ष रमेश पुष्करणा पहुंचे और सरकार एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर कई आरोप लगाते हुए शिक्षकों की विभिन्न मांगों को तुरंत समाधान करने की मांग की मांगे नहीं माने जाने पर संगठन द्वारा आगामी दिनों में और अधिक ताकत से प्रदर्शन करने का एलान किया। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल खोलकर हिंदी मीडियम के स्कूलों को पीछे धकेला जा रहा है जो बरसों से हिंदी मीडियम के स्कूल थे उन्हीं स्कूलों को सिर्फ नाम बदलकर अंग्रेजी माध्यम का बना दिया गया है जबकि पढ़ने वाले विद्यार्थी हिंदी मीडियम के ही हैं और पढ़ाने वाले शिक्षक भी हिंदी मीडियम से ही है । सिर्फ नाम बदलने से शिक्षा में गुणवत्ता नहीं आ सकती ।
धरने प्रदर्शन के बाद शिक्षक पदाधिकारी संभागीय आयुक्त के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपने के लिए राजी नहीं हुए और मानव श्रृंखला बनाकर अपना आक्रोश जताया ।मामले की गंभीरता को देखते हुए संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट कार्यालय पहुंचे और प्रदेश ,संभाग एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल से प्रदेश अध्यक्ष रमेश पुष्करणा एवं प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ऋषिन चौबीसा के नेतृत्व में 15 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल से लंबी वार्ता की । शिक्षक पदाधिकारियों ने शिक्षकों के स्थायीकरण, चयनित वेतनमान , उच्च माध्यमिक विद्यालयों में क्रमोन्नति के बावजूद लगे प्रारंभिक शिक्षा के शिक्षकों का अप्रैल माह से वेतन बकाया होने एवं तृतीय श्रेणी से द्वितीय श्रेणी में पदोन्नति अटकी होने जैसे गंभीर मुद्दे आयुक्त के सामने रखकर उनके निराकरण की मांग की ।
जिस पर संभागीय आयुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए आगामी 24 जुलाई को प्रातः 11:30 उदयपुर संभाग के सभी जिलों के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं संयुक्त निदेशक उदयपुर तथा शिक्षा विभाग एवं जनजाति विभाग के कानूनी सलाहकार के साथ राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रतिनिधिमंडल की बैठक आमने सामने बैठक करके समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया। इस पर शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन आयुक्त को सौंपा और अपना धरना प्रदर्शन समाप्त किया। मुख्यमंत्री एवं संभागीय आयुक्त को दिए ज्ञापन में बताया कि उदयपुर संभाग पदोन्नति के मामले में अन्य संभागों से बहुत पिछड़ा हुआ है ।2020-21 की टीएसपी क्षेत्र की डीपीसी हो चुकी है किंतु काउंसलिंग प्रक्रिया अटकी पड़ी है, साथ ही बताया कि टीएसपी क्षेत्र में कार्यरत नॉन टीएसपी क्षेत्र के शिक्षक जो गृह जिलों में समायोजन चाहते हैं उनके समायोजन अभिलंब किए जाएं ।थर्ड ग्रेड शिक्षकों के स्थानांतरण नीति बनाकर किए जाएं , स्थानांतरण से प्रतिबंध हटाया जाए इसके अतिरिक्त भी शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों विशेषकर बूथ लेवल अधिकारी, ग्रामीण ओलंपिक जैसे कार्यों से मुक्त किया जाने की मांग भी की गई । ज्ञापन में बताया गया कि संस्कृत शिक्षा विभाग के अंतर्गत उदयपुर संभाग में तृतीय श्रेणी ,द्वितीय श्रेणी ,व्याख्याता, शारीरिक शिक्षकों तथा अन्य सवर्गों के 50 प्रतिशत से भी अधिक पद रिक्त होने से शिक्षण कार्य प्रभावित होने की बात कहते हुए संस्कृत शिक्षा विभाग के सभी संभागों की पदोन्नति प्रक्रिया अभिलंब प्रारंभ करने की मांग की।
उच्च न्यायालय द्वारा द्वितीय वेतन श्रंखला के पाते वेतन शिक्षकों को राहत प्रदान करने के बाद भी विभागीय स्तर पर इन शिक्षकों को राहत नहीं दी जा रही है ।स्थायीकरण एवं चयनित वेतनमान के प्रकरणों में संयुक्त निदेशक कार्यालय द्वारा लाल फीताशाही की जा रही है और जानबूझकर शिक्षकों को परेशान किया जा रहा है । संभागीय आयुक्त से वार्ता में शिक्षक पदाधिकारियों ने बताया कि संबंधित विषय का नहीं होने के बावजूद किसी अन्य विषय के शिक्षक द्वारा विद्यालय एवं छात्र हित में कक्षाओं दुसरे विषय का अध्यापन का कार्य कराने के चलते परीक्षा परिणाम न्यून रहने से भी शिक्षकों को विभाग द्वारा नोटिस दिया जाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है जबकि जिस विषय का परिणाम न्यून रहा है वह उस विषय का शिक्षक ही नहीं है उसके मूल विषय में शत-प्रतिशत परिणाम होने के बावजूद शिक्षकों को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। जबकि ऐसे शिक्षकों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए है । वरिष्ठता सूची में नामांकन ,संशोधन, कार्मिकों की योग्यता अभिवृद्धि से संबंधित कार्यों हेतु जिलेवार कैंप लगाकर प्रकरणों का समय पर निस्तारण कराए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है लेकिन इस दिशा में संभागीय कार्यालय के स्टाफ द्वारा शिक्षकों को जानबूझकर कार्यालय के चक्कर कटवाए जा रहे हैं । जिला मीडिया प्रभारी गोपाल मेहता मेनारिया ने बताया कि धरने में शामिल होने आए संभाग भर से आए सैकड़ों शिक्षकों को प्रदेश अध्यक्ष रमेश पुष्करणा, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ ऋषि चौबीसा, संस्कृत शिक्षा प्रदेश उपाध्यक्ष अभय सिंह राठौड़ प्रदेश महिला मंत्री जयमाला पानेरी , जिला संगठन मंत्री चंद्रशेखर परसाई, उदयपुर जिला शाखा प्रथम के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह झाला , पूर्व जिलाध्यक्ष भेरू लाल तेली ,उदयपुर द्वितीय के जिलाध्यक्ष डायालाल कलाल ,वरिष्ठ शिक्षक नेता सुंदर जैन, शंकर वया ,उदयपुर जिला मंत्री चंदनमल बागड़ी, पुरुषोत्तम दवे, पारस जैन, प्रतापगढ़ जिला महासंघ के जिला अध्यक्ष हीरालाल कटारा ,बांसवाड़ा जिला अध्यक्ष दिनेश मईड़ा, डूंगरपुर जिला अध्यक्ष बलवंत बामणिया ,प्रतापगढ़ जिला अध्यक्ष देवीलाल मीणा, चित्तौड़गढ़ जिला अध्यक्ष तेजपाल सिंह चुंडावत, राजसमंद जिला अध्यक्ष नारायण सिंह चुंडावत, ने संबोधित किया। प्रदेश उपाध्यक्ष उदयपुर मंडल डॉक्टर सिंह चौबीसा ने कहा कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो शिक्षक संगठन के माध्यम से आगामी दिनों में और अधिक ताकत के साथ प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
