वाना में 5 जून से एक महीने तक आयोजित हुआ वॉलीबॉल समर कैम्प, 5 जुलाई को शिविर का हुआ समापन

शिविर के माध्यम से छात्राओं को वॉलीबॉल खेल के सिखाएं गुर, कैंप में छात्राओं में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने तथा जीवन कौशल के विभिन्न मुद्दों पर संवेदनशील बनाने एवं खेल खेल में शिक्षित किया

गांव की 6 वर्ष से लेकर 18 वर्ष तक की 30 बालिका वर्ग को दिया गया प्रशिक्षण

बाँसड़ा,कन्हैयालाल मेनारिया । गांव वाना में एक रिटायर फौजी गोपीलाल मेनारिया, एक शारिरिक शिक्षक शिवनारायण मेनारिया व एक कोच दीपक व्यास, नवानिया द्वारा गांव की 6 से 18 साल की 30 बालिकाओं को समर कैम्प के माध्यम से वॉलीबाल खेलना सिखा रहे हैं। फौजी सहित कोच व शिक्षक गांव में ही छात्राओं को वॉलीबाल खेलने की ट्रेनिंग देनी शुरू कर की। वाना में 5 जून से वॉलीबॉल समर कैम्प आरंभ हुआ, जिसका समापन 5 जुलाई को हुआ। रिटायर फौजी गोपीलाल मेनारिया 31 मार्च 2022 को आर्मी में नौकरी से रिटायर होने के बाद अब गांव में लड़कियों को इस खेल के गुर सिखा रहे हैं। लड़कियों की टीम तैयार हो चुकी है, वहीं लड़कों को एक्सपर्ट करने पर जोर दिया जा रहा है।
सेवानिवृत्त फौजी गोपीलाल मेनारिया ने बताया कि शारिरिक शिक्षक शिवनारायण मेनारिया व कोच दीपक व्यास, नवानिया के सानिध्य में हमने 5 जून को 6 वर्ष से 18 वर्ष तक की बालिकाओं का वॉलीबॉल समर कैम्प शुरू किया, जिसमें 30 बालिकाओं को प्रक्षिक्षण दिया गया। साथ ही बालिकाओं को आत्मरक्षा, बेहतर शिक्षा, अनुशासन और नागरिक गुणों का विकास करने के उद्देश्यों के बारे में बताया गया।

प्रतिदिन सुबह-शाम दिया जाता था प्रक्षिक्षण

इस समर कैम्प में बालिकाओं को अलसुबह मैदान पर पहुँचना होता था, मैदान पर आने के बाद व्यायाम से शुरुआत होती थी, और जिस तरह से व्यायाम आर्मी में होता है उस तरह कड़ा व्यायाम होने के बाद वॉलीबॉल खेलने के गुर सिखाया जाता था। बालिकाओं द्वारा भी मैदान पर खूब पसीना बहाया जाता। शिविर में बालिकाओं को बेहतरीन अटैक, बेहतरीन डिफेंस, सेंटर ओर रिसीव करना सिखाया गया, कमजोर स्थिति में टीम को किस तरह से जीत की ओर अग्रसर होने के बारे में बताया कि। अब टीम पूर्ण रूप से तैयार हो गई है। वही कैंप में बच्चों में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने तथा जीवन कौशल के विभिन्न मुद्दों पर संवेदनशील बनाने एवं खेल खेल में शिक्षित किया गया।

स्कूली खेलकूद व ग्रामीण ओलंपिक में दिखाएंगे दम

शारिरिक शिक्षक शिवनारायण मेनारिया ने बताया कि 30 बालिकाएं अब वॉलीबॉल खेल के लिए तैयार हो चुकी है और आने वाली 10 जुलाई से ग्रामीण ओलंपिक में भी दमखम दिखाएगी एवं इसके बाद स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता में खंड स्तर, जिला स्तर से जीतकर राज्य स्तर तक पहुँचने की होड़ में रहेंगे। साथ ही शिविर में प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर गांव की बालिकाओं खिलाड़ियों को जितवाने का प्रयास किया जा रहा है। शिविर में लक्ष्य निर्धारण, स्वच्छ भारत मिशन, जीवन में अनुशासन का महत्व, बचत की आदत, पर्यावरण की सुरक्षा तथा आपसी सौहार्द, बालक और बालिका में समानता समय का सदुपयोग करने के महत्व के बारे में भी बताया गया।

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