तिमिर हरण प्रकाश करण,गुरु का यही है आवरण : मीना जैन बाबेल

तिमिर हरण प्रकाश करण
गुरु का यही है आवरण

जीवन में सच्चाई मार्ग प्रशस्त
करती आई गुरु की कृपा
अटल

अथाह ज्ञान के सागर समान
झोला जिसका भरा हुआ

राह नयी दिखा हमारा
मार्ग संशयहीन करता रहा

हिम्मत हर कदम पर बनने
गुरु परछाई साथ चलें

प्रफुल्लित मानस आत्मासानंद
गुरु के जब हम साथ रमे

निश्चल बचपन की दहलीज
बन गई पेड़ धीर गंभीर

नवनिर्मित प्रशस्त प्रचंड ज्ञान
धाराएं बन गुरु सम बढे

गुरु शिक्षा की छाया में छिपा
सुदृढ़ व्यक्तित्व का आईना

वही आईना दिखाएं भला क्या बुरा क्या
जीवन का मायना क्या

सौंधी मिट्टी बृहद्रथ पुष्पलता समान
गुरु कृत ज्ञान बढ़े बिना विराम

ऐसी पावन निश्चल गुरु छवि को करते हम बारंबार नमन।
मीना जैन बाबेल
योगा ट्रेनर & थेरेपीस्ट
रिसर्च स्कोलर

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