बिपरजॉय तूफान से हुई अच्छी बारिश, क्षेत्र के अन्नदाता जुटे खरीफ की फसलों की बुवाई में
खेतों में है चारो तरफ किसानों की चहल पहल, समय पर बारिश आने से किसान खुश
बाँसड़ा,कन्हेयालाल मेनारिया । उदयपुर जिले सहित उपखंड क्षेत्र वल्लभनगर में भले ही मानसून की बारिश नहीं हुई है लेकिन बिपरजॉय तूफान के कारण अच्छी बारिश हो चुकी है और खेतों में पानी भर गया है। जिससे जिन अन्नदाताओं के खेत बुवाई लायक हो चुके है, वह किसान खरीफ की फसलों की बुवाई में लग चुके हैं। किसानों का कहना है कि बिपरजॉय तूफान के कारण अच्छी बारिश हो चुकी है और अब सोमवार सुबह से बारिश थमने के बाद खेतों में नमी आ जाने से खेत बुवाई योग्य हो चुके है, जिससे बुवाई के कार्य में जुट गए हैं। वही कुछ किसान जुताई के कार्य में लगें है, किसान ट्रैक्टर से खेतों की जुताई कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि धान बुवाई से पूर्व खेतों की अच्छे से जुताई करना चाहिए। इससे खेतों में उगे खरपतवार नष्ट हो जाते हैं और मिट्टी भुरभुरी हो जाती है, जो खरीफ सीजन में धान फसल के लिए उपयुक्त होती है। वही बुवाई के चलते खाद बीज-विक्रेताओं की दुकानों पर किसानों की खासी चहल पहल देखी जा रही है। खरीफ फसल की बुवाई का अनुकूल समय 15 जून से 15 जुलाई तक माना जाता है। खरीफ की फसलों में मक्का, ज्वार, बाजरा, मूँग, मूँगफली, गन्ना, सोयाबीन, उडद, तुअर, कपास की क्षेत्र में बुवाई की जा रही है। समय पर बारिश होने के कारण काश्तकार खुश दिखाई दे रहे है। खेतों की ट्रैक्टरों द्वारा जुताई कर बीज बोया जा रहा है। समय से पहले हुई बरसात किसान की फसल के लिए वरदान साबित हो सकती है, किसानों का कहना है कि बारिश अनुमान के अनुसार और समय पर हुई है।
महंगे खरीदने पड़ रहे है खाद बीज
इधर बुवाई से पुर्व खाद बीज और कीटनाशक बहुत मंहगे बाजार से खरीदने पड़ रहे हैं कृषि विभाग किसानों को राहत देने में नाकाम साबित हो रहा है। किसानों का कहना है कि बिपरजॉय तूफान से बारिश अच्छी खासी हुई है, जिससे खेतों की तह तक नमी पहुंच गई। नमी ठीक होने पर पौधा स्वस्थ और समय पर अंकुरित हो सकेगा। फिलहाल किसान खेती के काम में जी तोड़ मेहनत कर खरीफ की फसल की बुवाई में जुट गया है।
