रुंडेड़ा में शक्तिपीठ मां गायत्री माता मंदिर की 22वी वर्षगांठ पर निकली 1100 कलशो के साथ शोभायात्रा

शोभायात्रा में श्रद्धालुओं का आस्था का उमड़ा जन सैलाब, हर गली में लगी रही भीड़

शाम 7.30 बजे हुआ दीप यज्ञ का आयोजन, आज होगा 25 बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार,

बाँसड़ा,कन्हैयालाल मेनारिया । रुण्डेड़ा कस्बे में प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां गायत्री माता मंदिर की 22वी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में प्रथम पाटोत्सव के तहत विभिन्न तरह के मांगलिक कार्यों की शुरुआत बुधवार से हुई। पाटोत्सव को लेकर बुधवार प्रात: 8 बजे सेकड़ो श्रद्धालुओं के बीच शुभ मुहूर्त में स्थानीय राजकीय विद्यालय में कलश की पंडित के सानिध्य में मंत्रोचार के द्वारा पूजा अर्चना की गई। कार्यक्रम की शुरुआत में 25 बटुक जिनका आज गुरुवार सुबह यज्ञोपवित संस्कार होना है, उन बटुकों का तिलक उपरणा पहनाकर फूलों से सुसज्जित तीन अलग अलग रथ में और जिप्सी में बिठाया गया।
ततपश्चात 2 डीजे व 3 ढोल व थाली की लय ताल पर शोभायात्रा की शुरुआत हुई, शोभायात्रा में 1100 कलश गांव की महिलाओं व बहन बेटियों द्वारा लिए गए और 51 पुरुषो द्वारा पवित्र गायत्री ग्रंथ सिर पर धारण किया गया। इस दौरान स्थानीय ग्रामवासियों सहित आस पास के गांव खरसान, मेनार, इंटाली, छपरा, नवानियां, वाना, शोपुरा से आस्था का जन सैलाब उमड़ा। शोभायात्रा गांव के मुख्य मार्गो सुथारों की बावड़ी, गायत्री मंदिर, गणपति मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, महादेव मंदिर, हनुमान जी मंदिर, जणवा मंदिर, जाटों की बावड़ी होते हुई पुनः लक्ष्मीनारायण मंदिर प्रांगण पहुंची। शोभायात्रा का रास्तो में श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। वही शोभायात्रा में युवक, युवतियां डीजे पर मधुर बजते धार्मिक गीतों पर खूब थिरके, श्रद्धालुओं ने माता के जयकारों से पूरे मार्ग को धर्ममय बना दिया। शोभायात्रा में पंडित द्वारा माँ गायत्री का बखान करते हुए माता की महिमा बताई।
इस दौरान रालोपा अध्यक्ष उदयलाल डांगी द्वारा भक्तो पर ड्रोन के द्वारा पुष्प वर्षा कराई गई, साथ ही गायत्री परिवार से उदयपुर जॉन प्रभारी अर्जुन लाल, महिला मंडल शारदा देवी, तहसील प्रभारी पंकज पांडिया भी शामिल थे, जिन्होंने शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का स्वागत किया। इस दौरान हज़ारों की संख्या में श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ा, गांव की हर गली श्रद्धालुओं की भीड़ जमा थी। बता दे कि सम्पूर्ण उदयपुर में चुनिंदा गायत्री शक्तिपीठ मंदिरों में से एक मंदिर गायत्री शक्तिपीठ रुण्डेडा भी है। कार्यक्रम के अंत में महाप्रसाद का वितरण किया गया। रात्रि में दीप यज्ञ का भव्य आयोजन हुआ।

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