डॉ. सिम्मी सिंह द्वारा रचित खंडकाव्य सतवंती पद्मिनी पुस्तक का विमोचन

उदयपुर,विनोद कुमार रैगर । साहित्य और खेल की उदयीमान प्रतिभाओं को सामाजिक मंच के माध्यम से प्रतिस्थापित करने हेतु संकल्पित उदयपुर द्वारा सुविवि अतिथि सभागार में डॉक्टर सिम्मी सिंह द्वारा रचित खंडकाव्य सतवंती पद्मिनी का विमोचन समारोह आयोजित किया गया। जस करण संस्थान के सचिव शौर्य प्रताप सिंह ने बताया कि
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण द्वारा प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो.कर्नल शिव सिंह सारंग देवोत, कुलपति जनार्दन राय नागर, राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय,विशिष्ट अतिथि प्रो.माधव हाड़ा पूर्व विभागाध्यक्ष हिंदी विभाग, सुविवि तथा प्रो.मंजू चतुर्वेदी, पूर्व प्राचार्य राजकीय कन्या महाविद्यालय नाथद्वारा ,अध्यक्षता प्रो. एन.एस. राठौड़, प्राचार्य – गुरु नानक कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय थे। मुख्य अतिथि प्रो.शिव सिंह सारंग देवोत ने ने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ. सिम्मी सिंह की यह कृति हमारी युवा पीढ़ी को संस्कृति और इतिहास की और आकर्षित करेगी तथाआज के इंटरनेट और सोशल मीडिया युग में मील का पत्थर साबित होगी।
विशिष्ट अतिथि प्रो. मंजू चतुर्वेदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि समय और परिस्थिति के अनुसार महिलाओं को अपने आत्म सम्मान की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। सतवंती पद्मिनी पुस्तक की समीक्षा डॉ. ममता पानेरी और तरुण कुमार दाधीच ने की। कृतिकार डॉ. सिम्मी सिंह ने पुस्तक का परिचय देते हुए कहा की मेवाड़ के इतिहास और यहां के वीर- वीरांगनाओं के शौर्य, त्याग और बलिदान से प्रेरित होकर इस पुस्तक की रचना की। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती आशा पांडे ओझा ने किया। इस अवसर पर साहित्य परिषद उदयपुर इकाई की अध्यक्ष श्रीमती किरण वाला “किरण ” युगधारा संस्था के अध्यक्ष अशोक जैन “मंथन”, सुविवि प्रबंध मंडल के सदस्य डॉ. शैलेन्द्र सिंह राव, लायंस क्लब के रीजन चेयरमैन के.जी. मूंदड़ा, यतेन्द्र सिंह बाबेल, राजस्थान विद्यापीठ के डॉ. कुल शेखर व्यास, महाराणा प्रताप प्रौद्योगिकी एवं कृषि विश्वविद्यालय के डॉ. सोमशेखर व्यास, राजस्थानी मोटियार परिषद् के अध्यक्ष श्री शिवदान सिंह जोलावास, प्रसिद्ध चित्रकार चेतन औदीच्य, गौरीकांत शर्मा, कपिल पालीवाल, डॉ. कुंजन आचार्य, डॉ. आशीष सिसोदिया, डॉ. हेमराज चौधरी, डॉ.भगवती नागदा सोनिका गुर्जर दिव्या जैन, नीति बंसल, मीना जैन बाबेल, सीमा जीनगर, वर्धमान सिंह नरूका आदि उपस्थित रहे। अंत में संस्थान अध्यक्ष डॉ. दीपेंद्र सिंह चौहान ने सभी का धन्यवाद एवं आभार ज्ञापित किया

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