आदिवासी ड्राइवर की सहायता करने पर तोड़ डाले हाथ पैर,गई एक आंख ,गलती का विरोध करने पर तोड़ दिए जाते है हाथ पैर
सलूंबर,विनोद कुमार रैगर । झल्लारा थाने के बामनिया ग्राम पंचायत की जहा सरपंच और उसके विरोध में आवाज उठाने वालो के हाथ पैर तोड़ दिए जाते है, ऐसा ही घटित हुआ बामनिया गांव में जहा गरीब आदिवासी ड्राइवर की मदद करने पर अधेड़ नेत्रहीन राजपुत उम्र 54 वर्ष वगत सिंह पर ताबड़तोड़ लट्ठ से हमला किया जाता है , वगत सिंह के भाई विजय सिंह ने झल्लारा थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि पूर्व सरपंच लिंबाराम और उसके पुत्र वर्तमान सरपंच भगवती लाल तथा उनके 4 लडको के साथ और व्यक्तियों ने मिलकर लट्ठ से जानलेवा हमला किया तथा घटना स्थल से 50 मीटर की दूरी तक घसीटते हुए ले जाकर कांटो पर फेंक दिया एवम ऊपर कपड़ा डालकर गए और जातिगत आधार पर केश करने की धमकी देकर और जेब में रखे पैसे लूटकर चले गए इसके बाद पुलिस के साथ सलूंबर चिकित्सालय ले जाया गया वहा प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रेफर कर दिया गया, जहा वगत सिंह के हाथ पैर पर प्लास्टर चढ़ा है तथा अंतिम सूचना तक एक आंख तक चली गई ,भाई विजय सिंह ने बताया ये की सारा मामला ड्राइवर मावा मीणा और सरपंच के जमीन के विवाद के चलते भाई वगत सिंह भी उनके साथ थाने गए थे इसी के कारण सरपंच और उनके भाईयो ने जानलेवा हमला किया
