राजसमंद : पेट्रोल बम के हमले से झुलसे पुजारी की मौत, अब तक 7 गिरफ्तार,थानाधिकारी और चौकी प्रभारी सस्पेंड
राजसमंद । देवगढ़ के हीरा की बस्सी में मंदिर व भूमि विवाद को लेकर आगजनी का शिकार हुए पुजारी नवरत्नलाल प्रजापत जिन्दगी की जंग हार गए। उनकी उदयपुर के महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय में उपचार के दौरान मौत हो गई। अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में प्लास्टिक सर्जरी विभाग में मेडिकल बोर्ड की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। पिछले तीन दिन से उनकी हालत गम्भीर बनी हुई थी। आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. लाखन पोसवाल ने उनकी मौत की पुष्टि की है। डॉ. पोसवाल ने बताया कि मेडिकल टीम ने हर कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। नवरत्नलाल के शव का पोस्टमार्टम थोड़ी देर में उदयपुर चिकित्सालय में होगा। फिर परिजनों को शव सुपुर्द कर दिया जाएगा।

उदयपुर में 6 चिकित्सकों की मेडिकल टीम की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा था। उन्हें पहले से मधुमेह की समस्या भी थी व बायपास सर्जरी हो चुकी थी। तीन दिन से उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। ऑक्सीजन लेवल ड्रॉप हो गया था, जिस पर उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया था। तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी हालत अभी खतरे से बाहर नहीं आ पा रही थी। उनकी पत्नी जनमा देवी (60) की हालत में सुधार है।
क्या था मामला
आपको बता दें कि गत 20 नवम्बर की रात करीब 8:30 बजे कुछ लोगों ने हीरा की बस्सी में देवनारायण किराणा स्टोर में ही बने टिनशेडनुमा घर में पेट्रोल से आग लगा दी थी, जिसमें 70 साल के पुजारी नवरत्नलाल प्रजापत व उनकी पत्नी जमना देवी झुलस गई थी।

अब तक की गई कार्यवाही
अब तक इस मामले में 7 लोगो की गिरफ्तारी हो चुकी है । और तीन दिन पूर्व एसपी सुधीर चौधरी ने आईजी उदयपुर रेंज के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए देवगढ़ थानाधिकारी और कामलीघाट चौकी प्रभारी को सस्पेंड किया था। इस मामले में राजसमंद कलेक्टर नीलाभ सक्सेना ने ऐक्शन लेते हुए देवगढ़ तहसीलदार के खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया । आरोप पत्र में स्पष्ट लिखा गया है कि पीड़ित द्वारा तहसीलदार को शिकायत के बारे में बताया गया था लेकिन तहसीलदार ने इस पर ध्यान नहीं दिया । यदि समय पर तहसीलदार ध्यान देते तो यह घटना घटित नहीं होती।
