पिता की याद में बेटे ने लगवाई चार बेंचे शमशान घाट पर
उदयपुर । आमतौर पर लोग पूर्वजों की स्मृति में मंदिरों में दान करते हैं तो कोई वृद्धों को खाना खिलाते हैं, लेकिन बड़गाँव गांव के एक बेटे ने अपने पिता की स्मृति में मुक्तिधाम में वृक्षारोपण व चार बैठने के लिये ब्रेंचे बिना जनसहयोग के लगभग पचास हजार रुपए खर्च कर मुक्तिधाम लगाई। यह प्रेरणादायी कार्य उदयपुर जिले के भीण्डर उपखण्ड क्षेत्र के ग्राम पंचायत बड़गाँव गांव में किया गया है।
पूर्व सरपंच स्वर्गीय फतह सिह जी देवड़ा की स्मृति में उनके बेटे विक्रम सिंह देवड़ा ने बड़गाँव में स्थित वरणी रोड के पास बने श्मशान घाट में ब्रेंचे लगाई। यहां दाह संस्कार में आने वाले ग्रामीणों के बैठने के लिए लगवाई गई। बिना किसी मदद के पिता की स्मृति में ये चार ब्रेंचे लगावाने का कार्य सामाजिक सरोकार से जुड़कर आदर्श उदाहरण बन गया है।
बड़गाँव गांव के मूल निवासी विक्रम सी देवड़ा ने बताया कि अधिकांश लोग अपने माता-पिता की याद में मंदिर बनवाते हैं या फिर अन्य तरीके से दान-पुण्य करते हैं, लेकिन मेरे मन में ऐसा विचार अाया कि अपने पिता की स्मृति में ऐसा कुछ काम किया जाए जिससे पूरे गांव के लोगों को सुविधा हो जाए। तब गांव के श्मशान घाट के बारे में विचार आया। लगभग 50हजार से अधिक राशि खर्च कर ब्रेंचे लगवाने के कार्य किया।

देवड़ा कहते हैं कि शमशान घाट में ब्रेंचे लगाने के पीछे मेरा मकसद यही है कि लोगों को अपने प्रियजन के अंतिम संस्कार में सुविधा हो। विक्रम सिंह देवड़ा ने पिता की पुण्य स्मृति में शमशान घाट में ब्रेंचे लगवाकर ग्रामवासियों को सम्भलवा दी है। विक्रम सिंह देवड़ा,वीडीओ विष्णु अग्रवाल ने की एवम वार्ड पंच सूर्यप्रकास, किशन कुमावत, भंवर लाल रामावत, राधेश्याम कुमावत ,पवन चौबीसा ,उदय लाल जटिया,भोपाल सिंह ,दलीचंद जाट ईश्वर खटीकआदि मौजूद रहे।
इनपुट : कन्हैयालाल मेनारिया
