‘वो कहते हैं हमारी बेटियों की शादी मुसलमानों से करवाओ’: ऐसे लोगों का मुंह काला कर देना चाहिए, गांव में घुसने मत दो – केबिनेट मंत्री खराड़ी
कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने बिना नाम लिए भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के नेताओं पर निशाना साधा। मंत्री ने कहा- एक कड़वी बात वो कहते हैं कि हमारी बेटियों की शादी मुसलमानों से करवाओ। ऐसा करना चाहिए क्या? इस पर महिलाएं बोलीं- नहीं।
खराड़ी ने कहा- ऐसा मैं नहीं वो लोग कहते हैं। हमारी बेटी, जिसे हमने पाल पोसकर बड़ा किया। उसे पढ़ाया लिखाया और हम उसकी शादी मुसलमानों से कर देंगे क्या। ऐसे लोगों का मुंह काला कर देना चाहिए। गांव में घुसने मत दो। तब उन्हें पता लगेगा।
जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी शनिवार को भारतीय मजदूर संघ के 71वें स्थापना दिवस पर डूंगरपुर के लक्ष्मण ग्राउंड में आयोजित रैली को संबोधित कर रहे थे। खराड़ी ने भारतीय मजदूर संघ के कामों की तारीफ की।
उन्होंने कहा- दूसरे कई संगठन विरोध करते हैं तो तोड़फोड़, आगजनी करते हैं, लेकिन भारतीय मजदूर संघ एक ऐसा संगठन है, जो देश सेवा के लिए जाना जाता है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा- वे लोग कहते है कि मांग में सिंदूर मत लगाओ, गले में मंगलसूत्र मत पहनो, बिंदी मत लगाओ ऐसा करना चाहिए क्या? मंत्री ने कहा- मंगलसूत्र, बिंदी और सिंदूर हमारी संस्कृति और संस्कार का हिस्सा है। इससे महिला शादीशुदा है या नहीं, इसका भी पता लगता है।
दरअसल, बीएपी के सांसद राजकुमार रोत समेत कई नेताओं ने बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम पर आयोजित सभा और कार्यक्रमों में कहा कि आदिवासी हिंदू नहीं हैं। महिलाओं को गले में मंगलसूत्र नहीं पहनना चाहिए। सिंदूर और बिंदी नहीं लगानी चाहिए। इन्हीं बयानों को लेकर मंत्री ने पलटवार किया।
मजदूर संघ के कार्यक्रम के बाद जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी सर्किट हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने एक बार फिर बीएपी सांसद राजकुमार रोत पर निशाना साधा। मंत्री ने रोत की भील प्रदेश की मांग पर पलटवार करते हुए कहा- जाति, भाषा और क्षेत्रवाद के नाम पर आज तक न तो कोई राज्य बना है और न ही बनना चाहिए। हिन्दुस्तान में कई जातियां रहती हैं और कई भाषाएं बोली जाती हैं। अगर जाति और भाषा के नाम पर अलग राज्य बनाने लग जाए तो इससे अलगाववाद पैदा होता है।
मंत्री ने सांसद राजकुमार रोत पर निशाना साधते हुए कहा- वे संसद में जाकर कोई भी पोस्टर और नक्शा लहराए। वो भील प्रदेश का जो नक्शा दिखा रहे हैं। उसमें महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश का हिस्सा है। वो माओवाद का और अंग्रेजों के समय का नक्शा है। उन्होंने कहा- ये सब बोलने वाले सिर्फ मुखौटा हैं। इनके पीछे माओवाद और ईसाइयत सहित अन्य संस्थाएं हैं।
