राजकुमार रोत लुटेरी गैंग का सरगना:BAP के लोग मेवाड़-वागड़ को बांग्लादेश बनाना चाहते हैं; युवाओं को पत्थरबाज बना रहे – उदयपुर सांसद डॉ मन्नालाल रावत
उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने कहा- बीएपी की लुटेरी गैंग का सरगना राजकुमार रोत है। ये लोग मेवाड़-वागड़ को बांग्लादेश बनाना चाहते हैं। ये युवाओं को पत्थरबाज बना रहे हैं, देवताओं का अपमान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा- बांसवाड़ा-डूंगरपुर जिले और धरियावद-आसपुर विधानसभा क्षेत्र के लोग इनसे खुद को लूटा हुआ महसूस कर रहे हैं। बीएपी लुटेरी गैंग के रूप में आगे आई है। इनके बागीदौरा विधायक जयकृष्ण पटेल को ACB ने पकड़ा है।
दरअसल, एक दिन पहले बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद और भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के नेता राजकुमार रोत ने उदयपुर सांसद रावत पर निशाना साधते हुए कहा था- वे न तो वे आदिवासी है और न उनमें मानवता और इंसानियत है। जवाबी हमले में उदयपुर सांसद ने राजकुमार रोत को लुटेरी गैंग का सरगना बता दिया।
उदयपुर सांसद ने जिला परिषद सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- ये मेवाड़-वागड़ को बांग्लादेश बनाना चाहते हैं। यहां पर धर्मांतरण की रचना चला रहे हैं। इनको उचित स्थान पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीएपी वाले भ्रम फैला रहे हैं, बरगला रहे हैं। ये गाली-गलौज करते हैं, लेकिन अब समाज जान चुका है कि इनका एजेंडा नकारात्मक और खोखला है।
सांसद मन्नालाल रावत ने कहा- बीएपी के लोगों का काम बीजेपी, आरएसएस और वनवासी कल्याण आश्रम के लोगों को गाली देने का है। ये विकास के काम पर ध्यान भटकाने का काम करते हैं। ये व्रत करने वाली बहनों को गाली देते हैं।
सांसद मन्नालाल रावत ने कहा- कांकरी डूंगरी प्रकरण की पूरी जांच होनी चाहिए। डूंगरपुर के कांकरी डूंगरी में माहौल खराब करने वाले केस की फाइल खोली जाए। उसकी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि ये बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर में माहौल खराब करते हैं। इनका सरगना राजकुमार रोत है।
उदयपुर सांसद ने रोत की टीम पर वसूली का आरोप लगाते हुए कहा- ये टीचर और स्टूडेंट को लूटते हैं, वसूली करते हैं। एमएलए बने और रिश्वत लेते पकड़े गए हैं, सबके सामने है। कानून व्यवस्था को भंग करने के लिए धमकी देते हैं।
मन्नालाल रावत ने कहा- बीएपी वाले मानगढ़ धाम जाकर घोषणा करते है जनजाति बहनें मंगलसूत्र नहीं पहने और सिंदूर नहीं लगाए। जबकि देश में मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया। ये चर्च को मानने वाले लोग हैं। बीएपी का ईसाई धर्म फैलाने का एजेंडा है। ये लोगों को पत्थरबाज बना रहे हैं। कानून व्यवस्था भंग कर रहे हैं। ये देवता का अपमान कर रहे हैं।
