नाबालिग रेप पीड़िता को 8 साल तक घर में बंधक बनाकर रखा : नौकरानी की तरह घर के काम करवाती; विराध करने पर चैन और डंडे से पिटती थी महिला

डीपी न्यूज नेटवर्क । जयपुर में एक महिला ने नाबालिग रेप पीड़िता को 8 साल तक नौकरानी के तौर पर बंधक बनाकर रखा। वह उससे घरेलू काम करवाती थी। विरोध करने पर डंडे और जंजीर (चेन) से मारपीट करती थी।

करणी विहार थाना पुलिस ने शनिवार को आरोपी महिला को गिरफ्तार किया। उसके पति की तलाश की जा रही है। जांच में सामने आया कि रेप की खबर पढ़कर आरोपी महिला पीड़ित परिवार से मिली थी। उसके बाद नाबालिग रेप पीड़िता को अपने साथ लेकर आ गई और घर पर रख लिया।

डीसीपी (वेस्ट) अमित कुमार ने बताया- मामले में हीरापुरा में रहने वाली आरोपी महिला को अरेस्ट किया है। 18 नवंबर 2024 को चाइल्ड हेल्पलाइन से सूचना मिली कि करणी विहार हीरापुरा स्थित एक मकान में 15 साल की नाबालिग रेप पीड़िता और 5 व 4 साल के दो बच्चे मिले, जिन्हें बंधक बनाकर शारीरिक-मानसिक टॉर्चर किया जा रहा है।

चाइल्ड हेल्पलाइन की प्रतिनिधि रुखसाना ने करणी विहार पुलिस की मदद से तीनों बच्चों को छुड़वाया। मकान मालिक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन मोबाइल नंबर स्विच ऑफ मिला। तीनों बच्चों को गांधी नगर स्थित शेल्टर होम में दाखिल करवाया। करणी विहार थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई।

छुड़वाए गए तीनों बच्चों के कोर्ट के समक्ष बयान दर्ज करवाए गए। रिकॉर्ड प्राप्त करने पर नाबालिग बच्ची के सवाई माधोपुर के भाटोदा पुलिस थाने की रेप पीड़िता होना पाया गया। जांच में सामने आया है कि आठ साल पहले नाबालिग (तब 7 साल) पीड़िता के परिजनों को पालन-पोषण की जिम्मेदारी का झूठा हवाला देकर आरोपी महिला अपने साथ ले आई थी।

डंडे और जंजीर से पीटती थी

आरोपी महिला करीब 8 साल से बंधक बनाकर नाबालिग रेप पीड़िता से घरेलू काम करवा रही थी। विरोध करने या काम नहीं करने पर आरोपी महिला तीनों बच्चों को लोहे की चेन, डंडे आदि से मारती-पीटती थी। दुर्व्यवहार करने के साथ बच्चों से मजदूरों का काम करवाती थी।

एसआई (वैशाली नगर) हेमलता ने बताया- गिरफ्तार आरोपी महिला की उम्र करीब 42 साल है। वह एनजीओ चलाती है, जो अभी बंद कर रखा है। वह अपनी मां के साथ रहती है।

न्यूज पेपर में रेप की खबर पढ़कर पीड़िता के परिवार से मिली थी

जांच में सामने आया कि करीब 8 साल पहले न्यूज पेपर में रेप की खबर छपी थी। सवाई माधोपुर की रहने वाली 7 साल की बच्ची से रेप हुआ था। उसको इलाज के लिए जयपुर के जेके लोन हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था। न्यूज पढ़कर आरोपी महिला ने जेके लोन हॉस्पिटल में रेप पीड़िता के परिजनों से कॉन्टैक्ट किया।

आरोपी महिला का कहना है कि उसने ही बच्ची का इलाज करवाया था। इसके बाद दिल्ली में धरना-प्रदर्शन कर पीड़ित बच्ची के परिजनों को 5 लाख रुपए की मदद दिलाई थी। परिजनों के गरीब होने के कारण बच्ची तब से ही उसके पास रह रही है। वही उसका पालन-पोषण कर रही है। जबकि नाबालिग पीड़िता ने अपने बयान में घरेलू कामकाज करवाने और मारपीट करने की बात बताई है।

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