नोटिस देने से नाराज़ नर्सिंगकर्मी बंदूक लेकर पहुंचे, इंचार्ज डॉक्टर को कमरे में बंद कर धमकाया
बांसवाड़ा,डीपी न्यूज नेटवर्क । बांसवाड़ा में हॉस्पिटल इंचार्ज डॉक्टर ने लापरवाही बरतने वाले 2 नर्सिंगकर्मियों के खिलाफ नोटिस जारी किया। नाराज कर्मियों ने डॉक्टर को कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद डॉक्टर ने CMHO-कलेक्टर से शिकायत की तो गुस्साए नर्सिंगकर्मी बंदूक लेकर हॉस्पिटल पहुंच गए। घटना का सीसीटीवी आज सामने आया है। मामला बांसवाड़ा जिले के लोहारिया थाना क्षेत्र के पालोदा सरकारी अस्पताल का है। घटना 13 दिसंबर की दोपहर 1.45 बजे हुई।
बांसवाड़ा एसपी हर्षवर्धन अगरवाला ने बताया- पालोदा स्थित सरकारी अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉ. हिमांशु नंदा (36) ने लोहारिया थाने में रविवार को रिपोर्ट दर्ज कराई है। डॉ. हिमांशु पुत्र राधेश्याम थाना इलाके के अमरदीप नगर में किराए का कमरा लेकर रहते हैं। उनकी पत्नी भी पलोदा हॉस्पिटल में डॉक्टर के पद पर हैं। रिपोर्ट में डॉ. हिमांशु ने बताया- नर्सिंग कर्मचारी गुलाब कटारा और अभिषेक नितिन अक्सर ड्यूटी से नदारद हो जाते हैं। चिकित्सा प्रभारी होने के नाते दोनों को मैंने 2 दिसंबर को नोटिस दिया था। लिखित में जवाब भी मांगा था। इसके बाद से दोनों नाराज थे।
12 दिसंबर को मैं ड्यूटी पर अस्पताल में था। इस दौरान नर्सिंग कर्मचारी गुलाब कटारा और अभिषेक नितिन आए। उन्होंने मुझे अस्पताल परिसर में स्थिति धर्मशाला में कमरा आवंटन करने की एक एप्लीकेशन दी। इसे स्वीकार कर लिया। इसके बाद वे मुझे कमरा दिखाने के लिए ले गए।कमरे में पहुंचते ही दोनों ने मुझे कमरे बंद कर लिया और बाहर से कुंदी लगा दी। वे मुझे धमकाने लगे। मैंने उन्हें कमरे का दरवाजा खोलने को कहा तो जान से मारने की धमकी दी। दोनों कर्मचारी शराब के नशे में थे। इस दौरान एक अन्य डॉक्टर कुलदीप अस्पताल में आए। उन्होंने देखा कि कमरा बाहर से बंद है और अंदर से आवाज आ रही है। डॉ. कुलदीप ने अस्पताल के अन्य कर्मचारियों को भी मौके पर बुलाया। कमरा खुलवाकर मुझे कमरे से बाहर निकाला।
दूसरे दिन 13 दिसंबर को डॉ. हिमांशु नंदा जिला मुख्यालय बांसवाड़ा पहुंचे और सीएमएचओ डॉ. एचएल ताबियार से मिलकर लिखित में दोनों कर्मचारियों की शिकायत की। इसके बाद वे जिला कलेक्टर इंद्रजीत यादव से मिले और दोनों आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
इसी दिन दोपहर 1.45 बजे नर्सिंग कर्मचारी गुलाब कटारा कार में बंदूक लेकर पालोदा के सरकारी हॉस्पिटल पहुंच गया और डॉ. हिमांशु को ढूंढने लगा। डॉ. हिमांशु बांसवाड़ा में थे। इस घटना का सीसीटीवी सामने आने के बाद जिला कलक्टर और एसपी ने इसे गंभीर मामला माना और पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
एसपी हर्षवर्धन अगरवाला ने कहा- आपसी विवाद के बाद बंदूक लेकर अस्पताल में जाना बेहद खतरनाक मामला है। संज्ञान में आने के बाद जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में गई थी पर वे मिले नहीं। यह भी जांच की जाएगी कि आरोपियों के पास बंदूक खुद की है या अवैध है, या फिर किसी और से लाए थे।
इस संबंध में डिप्टी सीएमएचओ डॉ राहुल डिंडोर ने बताया कि मामले की विभागीय जांच के लिए कमेटी बना दी गई है। मैं कमेटी में हूं। मामला गंभीर है। निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित करेंगे।
