7 साल पुराने प्रापर्टी विवाद में हुई हत्या के मामले में दंपति को उम्र कैद की सजा : 1.35 करोड़ के मकान के सौदे में हुई रंजिश में दंपति ने युवक पर कार चढ़ाई, गला काटा ; शव को पुल से फेका

बांसवाड़ा,डीपी न्यूज नेटवर्क । प्रॉपर्टी विवाद में एक व्यक्ति पर गाड़ी चढ़ाकर, गला काटकर दंपती ने शव को पुल से फेंक दिया। मामला 7 साल पुराना है। सोमवार को बांसवाड़ा जिला कोर्ट ने दोषी दंपती को आजीवान कारावास की सजा सुनाई और एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया। बांसवाड़ा जिला एवं सेशन न्यायालय में न्यायाधीश अरुण कुमार अग्रवाल ने यह फैसला सुनाया। 2017 के इस मामले में दोषी कप्तान शुक्ला और उसकी पत्नी राधा को सजा सुनाई है। कप्तान शुक्ला अजमेर जेल में बंद है, जबकि उसकी पत्नी राधा उदयपुर जेल में है। न्यायाधीश ने वीसी के जरिए सजा सुनाई।

जानकारी के अनुसार- 21 मार्च 2017 को बड़गांव निवासी गौतमलाल निनामा ने थाने में रिपोर्ट दी। गौतमलाल ने बताया- मेरे पास वार्ड पंच सुरेश पंड्या (सेमलिया) का कॉल आया। उसने बताया कि सेमलिया पुल के नीचे एक लाश पड़ी है। मैंने पुलिस को सूचना दी। शव पर रगड़ के निशान थे। गर्दन काटी हुई थी। पुलिस को अंदेशा हुआ कि मर्डर कर शव फेंका गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू की।

पहचान के लिए डीएनए सैंपल भेजा

शव की शिनाख्त नहीं हो पाई। पुलिस ने अखबार में विज्ञापन तक निकाला। आखिर नगर परिषद से अंतिम संस्कार कराया। पहचान के लिए डीएनए जांच के लिए सैंपल भेजा गया। आखिर पुलिस ने मरने वाले की पहचान कर ली। मृतक अहमदाबाद (गुजरात) के घाटलोडिया इलाके का रहने वाला महेश पुत्र बजरंगलाल था। महेश के बेटे पवन ने गुजरात के नवरंगपुरा थाने में पिता की गुमशुदगी दर्ज करा रखी थी।

1.35 करोड़ के मकान के सौदे में हुई रंजिश

जांच में सामने आया कि अहमदाबाद निवासी रामलाल 20 मार्च को महेश को टैक्सी से बांसवाड़ा लाया था। रामलाल के बयान लिए तो उसने बताया- मैं कप्तान शुक्ला, उसके परिवार और महेश को बांसवाड़ा लाया था। महेश को बांसवाड़ा छोड़ मैं, कप्तान शुक्ला और उसके परिवार अहमदाबाद लौट गए थे।

पुलिस जांच में सामने आया कि कप्तान शुक्ला ने महेश से एक मकान का सौदा किया था। सौदा 1 करोड़ 35 लाख में तय हुआ था। महेश ने 80 लाख रुपए ले लिए थे। कुछ समय बाद उसने मकान बेचने से इनकार कर दिया और पैसे भी नहीं लौटा रहा था।

कार से कुचला, गला रेता, पुल से फेंका

ऐसे में दोनों के बीच विवाद हो गया। लोक अभियोजक योगेश सोमपुरा ने बताया कि कप्तान शुक्ला बदला देना चाहता था। उसने पत्नी राधा शुक्ला के साथ मिलकर साजिश रची और महेश को अपने माही सरोवर (बांसवाड़ा) स्थित मकान में ले आया। वहां से कप्तान, उसकी पत्नी राधा और महेश बड़गांव पुल पर आए। यहां कप्तान ने महेश को कार से उतारा और उस पर कार चढ़ा दी। वह घायल हुआ तो उसका गला रेत दिया। इसके बाद पुलिस से शव को फेंक दिया।

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