कांस्टेबल को नियुक्ति के बाद पद से हटाने पर हाईकोर्ट की रोक , उदयपुर के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर खेरवाड़ा मे कर चुके है ट्रेनिंग

जोधपुर । पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2019 मे चयनित अभ्यर्थी चैन सिंह व समुंद्र सिंह को 6 माह कि ट्रैनिंग के बाद रिव्यू बोर्ड द्वारा रिजल्ट मे परिवर्तन कर पद से हटाकर घर भेजनें व पुलिस विभाग मे हुए चयन को निरस्त करने के आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए जबाव तलब किया है,
पुलिस मे चयनित अभ्यर्थी चैन सिंह व समुंद्र सिंह ने हाईकोर्ट मे अपने अधिवक्ता ओपी सांगवा व भेरू लाल जाट के माध्यम से याचिका दायर कर पुनः नियुक्ति के लिए गुहार लगाई है, इस मामले मे अधिवक्ता ओपी सांगवा व भेरू लाल जाट ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा कांस्टेबल के पदो पर विज्ञापन जारी कर भर्ती कि गई , विभाग ने परीक्षा आयोजन के बाद त्रुटिपूर्ण उतरमाला जारी कर अभ्यर्थियों को नियुक्तियां दी गई,अभ्यर्थी का फाइनल मेरिट मे सेलेक्शन हो गया था, उसके बाद ही नियुक्त दी गई, हाईकोर्ट ने प्रशनो का आंसर रिव्यू एक्पर्ट से सही करवा कर मेरीट मे आने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ती देने के लिए कहा, हाईकोर्ट के आदेश के बाद विभाग द्वारा आंसर को सही कर कुछ प्रशनो के आंसर बदल दिए थे, जिसके बाद रिव्यु बोर्ड द्वारा उन चयनित अभ्यर्थियों को अब बाहर कर दिया जो पिछले 6/7 महिने कि ट्रेनिंग कर चुके है नियुक्ति व ट्रेनिंग के बाद पद से इस तरह हटाना नियमानुसार गलत है ,विभाग को अतिरिक्त पद सर्जित कर नए अभ्यर्थियों को नियुक्तियां देनी चाहिए थी, इस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को न्याय प्रदान करते हुए याचिकाकर्ता को निरंतर सर्विस में रकने और नियुक्ती निरस्त वाले आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार, डीजीपी व कमांडेंट पुलिस ट्रेनिंग सेंटर खेरवाड़ा उदयपुर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है । अगली सुनवाई 20 जुलाई को रखी गई हैं।

इनपुट : एडवोकेट भेरूलाल जाट

0
0

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

error: Content is protected !!